शरीफा (सीताफल) की जानकारी – प्रजाति, खेती, फायदे

By | December 19, 2019

यह शरीफा फल उष्णकटिबंधीय अमेरिका और वेस्ट इंडीज का मूल फल है | इस शरीफा के फल को भारत, पाकिस्तान, फिलिपींस और ऑस्ट्रेलिया में सीताफल और शरीफा के नाम से भी जाना जाता है | यह एक मीठा फल है, जो खाने में बहुत ही स्वादिष्ट होता है | लेकिन क्या आप जानते हैं, की हमलोग जिस शरीफा को बड़े मजे से खाते हैं वे किस प्रकार तथा कहां उत्पादन की जाती है |

Sharifa or Sitaphal Fruit

तो चलिए जानते हैं, इस शरीफा को कहाँ तथा किस प्रकार से उत्पाद किया जाता है |

  • English Name: Sugar-apple
  • Scientific Name: Annona squamosa
  • Hindi Name: Sharifa / Sitaphal
  • Family: Annonaceae

सरीफा का परिचय/ Introduction

यह एक मीठा और स्वादिष्ट फल है, जो आकार में गोलाकार-शंक्वाकार, व्यास 5-10 सेमी और 6–10 सेमी लंबा होता है | इस शरीफे के एक फल का वजन 100-240 ग्राम है, जो दिखने में नीले-हरे रंग का होता है | ये बड़े ही साधारण तरीके से पचने वाला फल है, जो अल्सर व एसिडिटी की समसया को होने से रोकने में मदद भी करता है |

यह फल सुगंधित और मीठा होता है, जो दिखने में हल्के पीले रंग में मलाईदार सफेद रंग का होता है | इस शरीफा का वानस्पतिक नाम अन्नोना स्क्वामोसा है | इस फल में बहुत सारे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद फल है |

शरीफा का पेड़ / Custard Tree

Sitaphal ped / tree

इसके पेड़ की ऊँचाई लगभग 2 से 4 फीट होती है | इस पेड़ की औशत उम्र लगभग 28 से 30 वर्ष होती है, परन्तु अगर इसकी देखभाल अच्छे से की जाए तो यह और 2 से 4 वर्ष अधिक जीवित रह सकता है | इस पेड़ की पत्तियां गहरे हरे रंग में होते हैं, जिससे एक अलग प्रकार की गंध आती है, इस वजह से  इस पर कोई भी कीट नहीं बैठते हैं | इससे यह पेड़ अपनी सुरक्षा खुद ही करता है, इसलिए इसकी देखभाल के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती है |

उत्पादन

भारत में शरीफा फल का उत्पादन महारष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़, आदि राज्यों में किया जाता है | इसके अलावे असम, बिहार, ओडिशा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु में भी शरीफा के फल का उत्पादन किया जाता है |

प्रजाति / Varieties

शरीफे की दो मुख्य प्रजातियाँ हैं, जिसमे Pinks Mammoth और African Pride हैं | अन्य प्रजातियों के नाम निम्नलिखित प्रकार से दिए गए हैं |

  • Balanagar
  • Arka sahan
  • Barbados seedling
  • Kakarlapahad
  • British Guinea
  • Mahaboobnagar
  • Saharanpur local
  • Washington

सीताफल की खेती / Farming

शरीफा के पेड़  ऐसे पेड़  हैं, जो किसी भी प्रकार की मिट्टी में उग सकती है, लेकिन इसे अच्छी मिट्टी में लगाने से यह जल्दी बढ़ने में सफल हो सकता है | इसे लगाने का सबसे अच्छा मौसम बरसात का होता है, ताकि बारिश के पानी के वजह से पानी इसमें पाने देने की आवश्यकता कम पड़ती है | इसके पौधे को लगाने के दौरान उसके जड़ में गाय के सड़े हुए मल को डालने से पौधा ठीक तरीके से तथा जल्द ही लगता है | इसे लगाने के बाद पौधे में ठीक प्रकार से पानी समय पर डालते रहें | पौधे को लगाने के 15 दिन के अंतराल पर सिंचाई करते रहना चाहिये | जब बारिश का मौसम ख़त्म हो जाए तो उसके बाद एक या दो सिंचाई करने से फलों का आकार बड़ा हो सकता है | पेड़  के बढ़ने के बाद उसके जड़ के चारो तरफ ठीक प्रकार से मिट्टी डाले जिससे पेड़  में मजबूती आएगी | पेड़ के बढ़ने के दौरान उसमे पत्तियां आने लगेंगे तब पेड़ धीरे धीरे बढेगा | पेड़ को लगाने के लगभग 3 वर्ष के बाद इसमें फूल आने शुरू होने लगेंगे कुछ समय के बाद पेड़  में फल आने लगेंगे |

उत्पादन / Production

पेड़ में फल पहली बार 1 से 2 सालों के बाद आने शुरू आते हैं, जो हल्के कम मात्रा में होते हैं फिर धीरे धीरे अपने आप पूरी तरह से भरपूर फल देने लगेगा | फल को बढ़ने में लगभग 30 से 40 दिन लगते हैं | जब फल पूरी तरह से तैयार हो जाए तो वह पकना शुरू होता है और जब के पकने का समय आए तो फल को पेड़  में ही पकने देने से फल में प्राकृतिक मिठास आती है | पेड़ में पका हुआ फल खाने में बहुत ही स्वादिष्ट होता है | परन्तु इसे अगर तोड़कर पकाया जाए तो स्वाद में हल्का फर्क आ जाता है |

उपयोग / फायदे /  Benefits of Sitaphal in Hindi

Custard Apple

शरीफा का कच्चा फल खाने से अतिसार और पेचिश जैसी समस्याओं को ठीक किया जा सकता है | इसके अलावे इस फल से और भी कई फायदे हैं, जो निचे दिए गए हैं |

  • दुबले पतले लोगों के लिए यह शरीफा बहुत ही फायदेमंद होता है | उन्हें शरीफा खाने से उनकी शरीर की दुर्बलता को दूर किया जा सकता है | इसके अलावे उनके मैनपावर को बढ़ाने में भी यह बेहद मदद करता है |
  • शरीफे के कच्चे फल को काट कर सुखाने के बाद उसे पीसकर अगर उसका सेवन किया जाए तो डायरिया जैसे हानिकारक समस्या का उपचार किया जा सकता है |
  • शरीर की दुर्बलता, थकान, मांस-पेशियों में दर्द होने वाले समस्याओं में यह फल बहुत ही फायदेमंद होता है |
  • इस शरीफे के पेड़ की पत्तियों को पीसकर उसका लेप शरीर में होने वाले फोडों पर लगाने से उसे ठीक करने में काफी मदद मिलती है |
  • इसके बीजों को पीसकर उसके लेप को बालों में लगाने से उजड़े हुए बालों को वापस लाया जा सकता है |
  • जिन लोगों के शरीर में जलन होती है, उन्हें इस फल के गूदे से शरबत बनाकर पीने से शरीर की जलन को ठीक किया जा सकता है |
  • यह पाचन क्रिया के लिए बहुत ही लाभकारी फल है |
  • शरीफा में विटामिन ए काफी मात्रा में पायी जाती है, जो हमारे त्वचा को स्वस्थ रखने में बेहद मदद करता है | इसका सेवन करने से त्वचा में होने वाले एजिंग के निशानों से भी बचा जा सकता है |

पोषक तत्व

  • शरीफे में काफी मात्रा में calary होती है, जो हमारे शरीर के लिए बहुत ही आवश्यक है |
  • इसमें vitamin C जैसे पोषक तत्व काफी मात्रा में पायी जाती है |
  • इसमें भरपूर मात्रा में Iron होती है, इसलिए इसे खाने से शरीर में Iron की नहीं होती है |
  • यह फल vitamin A का अच्छा स्रोत है, जो कि हमारे बालों, आंखों और त्‍वचा के लिये बहुत ही लाभकारी हो सकता है |

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