शमी के पेड़ की जानकारी – Shami Tree Information in Hindi

By | February 26, 2019

शमी  के पेड़ को खेजड़ी का पेड़ भी कहा जाता है । अलग अलग स्थानों पर इस पेड़ को विभिन्न नामो से जाना जाता है जैसे राजस्थान में शमी के पेड़ को “सांगरी” के नाम से जाना जाता है , पंजाब में “जंड”, तमिल में “वण्णि” , गुजरती में  “शमी सुमरी” इत्यादि । शमी के पेड़ का व्यापारिक नाम “कांडी”  है। English में इस पेड़ को Prosopis Cineraria कहते है । इस पेड़ के कई सरे विशेषताएं और कई सरे फायदे भी है । इस पेड़ का अपना एक अलग हीं धार्मिक महत्व भी है । आइये पहले शमी के पेड़ के बारे में कुछ अहम् बाते जानते है ।

Shami Plant

शमी का पेड़ का  परिचय  (Introduction)

शमी का पेड़ थार के मरुस्थल (Desert of Thar) जैसे की राजस्थान के अलावा अन्य कई स्थानों पर देखने को मिल जाता है। यह पेड़ लगभग 8 से 10 मीटर ऊंचा होता है। इसके टहनियों पर छोटे छोटे कांटे होते हैं। इसकी पत्तियां द्विपक्षवत (Bilateral) होती हैं। यह एक ऐसा पेड़ है जो की जेठ के महीने में भी सूखता नही बल्कि हरा भरा रहता है। जेठ की गर्मी में जब रेगिस्तान जैसे स्थानों पर जानवरों को छांव की जरुरत पड़ती है तो शमी का पेड़ हीं उनका सहारा बनता है । जानवरों के पास जब खाने को कुछ नही होता तो यह पेड़ चारा देता है जिसे “लूंग” कहते है ।

इस पेड़ पर खिलने वाले फूल को “मींझर” कहते है । इस पर लगने वाले फल को “सांगरी” कहते है जिसकी सब्जी बनती है। यही फल जब सुख जाता है तो इसे “खोखा” कहते है जिसे मेवे के रूप में इस्तेमाल किया जाता है । इस पेड़ की लकड़ी काफी मजबूत होती है इसलिए इसे फर्नीचर बनाने के काम में भी इस्तेमाल किया जाता है । बहुत से लोग हल बनाने के लिए इसकी जड़ो का use करते है।

जीवकाल / Life-span of Shami Tree

Shami Tree average life-span

यह शमी का पेड़ कम पानी में भी जीवित रह सकता है और इसे आसानी से लगाया जा सकता है | यह पेड़ 15 से 21 feet तक लम्बा हो सकता है और शंमी के पेड़ की आयु (life span) 90 से 100 साल तक हो सकती है, पर अगर ठीक से ख्याल रखा जाये तो यह शमी का पेड़ 200 साल तक जी सकता है |

धार्मिक महत्व

हिन्दू धर्म में शमी के पेड़ का एक बहुत हीं बड़ा महत्व माना गया है। धार्मिक ग्रंथो में मुताबिक इस पेड़ में शनि का वास माना गया है । हिन्दू परंपरा के मुताबिक ‘विजयादशमी’ के दिन शमी पूजन का काफी महत्व रहा है।  यही नहीं हिन्दू परंपरा के अनुसार हर शनिवार के दिन इस पेड़ की पूजा की जाती है । धार्मिक ग्रंथो में इस पेड़ की पूजा करने के कई फायदे बताये गए है जिनमे से कुछ के बारे में हम आपको निचे बताने जा रहे है :-

  • अगर family में धन का अभाव हो रहा हो तो किसी भी शुभ दिन को देख कर घर में एक शमी का पौधा ले आयें । उसके बाद शनिवार के दिन सुबह नहा कर एक नए गमले में इस पौधे को लगा दें । फिर पौधे की जड़ में एक सुपारी व एक रुपए का एक सिक्का (coin) दबा दें। उसके बाद हर रोज इस पौधे का नियम पूर्वक पूजा करे । इससे धीरे-धीरे आपकी धन की अभाव में सुधार आने लगेगी ।
  • शनिवार संध्या को शमी के पौधे में एक छोटा सा शिवलिंग को रख कर उसे दूध अर्पित करने से और पुरे विधि-विधान के साथ महामृत्युंजय मंत्र की जाप करने से किसी भी प्रकार के रोग से मनुष्य को जल्दी छुटकारा मिलता है ।
  • कई बार शादी में अर्चन आने की वजह वर या वधु के कुंडली में शनि का दूषित होना भी होता है। इसके लिए लगातार 45 days तक शाम को शमी के पौधे में घी का दीपक जलाना और सिंदूर से पूजन करना चाहिए ।
  • जिनकी कुंडली में शनि की साढ़े साती या ढैया हो उन्हें नियम पूर्वक शमी के पौधे में पानी डालना और उसमे दीपक जलाना चाहिए । इसके अलावा हर शनिवार को पौधे में थोडा सा काला तिल और काला उड़द भी अर्पित करना चाहिए ।

शमी के फायदे  / Benefits of Shami Tree

शमी के पौधे को को घर पर भी लगाया जा सकता है, और तो और आप इसे बड़े गमले में भी लगा सकते हैं | तो आइये अब जानते हैं शमी के पेड़ के फायदे कौन-कौन से हैं:

  • Skin के लिए शमी के पेड़ की लकड़ियाँ बहुत हीं लाभकारी होता है । यदि skin पर कील मुहासे है तो इसकी लकड़ी को घिस कर मुहासे पर लगाने से मुहासे जल्दी ठीक हो जाते है ।
  • शमी के पेड़ के पत्ते भी कभी फायदेमंद होते है ,शरीर के किसी भी हिस्से में यदि खुजली हो रहा हो तो इसके पत्ते का लेप बना कर उसमे थोडा सा दही मिक्स कर के लगाने से खुजली से राहत मिलता है ।
  • शमी का फूल भी हमारे सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है । यदि पेशाब से जूरी कोई प्रॉब्लम हो तो इसके फूल को दूध में boil कर के उसे ठंडा कर लें और फिर उसमे थोडा सा पिसा हुआ जीरा मिक्स कर के पीये । ऐसा करने से पेशाब सम्बंधित समस्याओं में राहत मिलता है ।
  • जब शरीर में गर्मी अधिक बढ़ जाये तो इसके पत्ते का रस निकालकर इसमें थोडा सा जीरा और शक्कर मिला कर पी लेने से शरीर को ठंडक पहुँचती है ।
  • शमी के पत्तो का रस और नीम के पत्तो का रस को एक साथ मिला कर पीने से शरीर में से जहर का असर कम होता है ।

कुछ खास विशेषताए (Features of Shani Tree)

  • इस पेड़ की मोटाई सामान्यतः 2 से 5 मिली मीटर और ऊंचाई 8 से 10 मीटर होती है ।
  • शमी पेड़ की आकार उथला घुमावदार होता है |
  • शमी का फल खाने में इसका स्वाद थोडा तीखा होता है |
  • खुशबूदार सुगंधीत पेड़ के रूप में जाना जाता है |
  • शमी का फूल जनवरी में आते है फरवरी मार्च में फूल खिलने लगते है पूर्णतः मई में फूल विकसित हो जाती है |
  • शमी के सुन्दर फूल पीले रंग की होती है |
  • इस पेड़ की जड़ काफी मजबूत होती है और नाइट्रोजन और जल की कम जरुरत होती है इसके विकास के लिये |

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