Sal Tree in Hindi – साल पेड़ से जुडी जानकारी और फायदे

By | November 20, 2019

साल का पेड़ घनी जंगलों में पाए जाने वाला पेड़ है, जो बहुत ही मजबूत होता है | Sal Tree को दरवाजे, खिड़कियाँ, आदि जैसे कई प्रकार के लकड़ियों के फर्नीचर बनाने के लिए उपयोग में लाया जाता है | इसके अलावे इस पेड़ को छत्तीसगढ़ और झारखंड राज्य का राजकीय पेड़ भी घोषित कर दिया गया है |

Sal Tree

इसके अतिरिक्त इस पेड़ में ऐसे बहुत सारे गुण हैं, जो हमारे इस आर्टिकल में दिए गए हैं, इसके बारे में पूरा जानने के लिए निचे पढ़ें |

  • English Name: Sal Tree
  • Dynasty: S. Rowsata
  • Family: Dipterocarpaceae

विवरण / Introduction about Sal Tree

साल वृक्ष भारतीय उपमहाद्वीप का मूल निवासी है, जो एक प्रकार से बहुत ही सदाबहार पेड़ होता है | इस पेड़ को उत्तर भारत में मध्य प्रदेश, ओडिशा और झारखंड, आदि राज्यों में सखुआ पेड़ के नाम से जाना जाता है | इस साल के पेड़ की सबसे खाश विशेषता यह है की, कई प्रकार के प्राकृतिक आवासों के लिए खुद को उस लायक बना लेना, जैसे कि 8 सेमी से 508 सेमी वार्षिक वर्षा के साथ, यह बहुत गर्म और ठंडे स्थानों में भी बहुत ही आसानी से बढ़ता है | हमारे देश में कई प्रकार के पेड़ पाए जाते हैं जिसकी जानकारी आप यहाँ से प्राप्त कर सकते हैं |

कहाँ पाए जाते हैं

यह साल का पेड़ आम तौर पर पहाड़ी क्षेत्र और घनी जंगलों में ज्यादा पाई जाने वाली वृक्ष है, जो म्यांमार, नेपाल और दक्षिण हिमालय, आदि देशों में काफी मात्रा में पाए जाते हैं | यह पेड़ भारत देश के कुछ राज्यों में जैसे:- बंगाल, ओडिशा, असम और झारखंड से लेकर हरियाणा के पहाड़ियों तक यमुना के पूर्व में भारी मात्रा में फैला हुआ है |

जीवनकाल / Lifespan

यह आम तौर पर बहुत ही धीमी गति से बढ़ने वाला पेड़ है, जो की पौधे से पेड़ बनने में लगभग 10 से 15 लगाता है | इस पेड़ की औशत आयु आम तौर पर 20 से 40 वर्ष होती है, परन्तु आज कल के इस दौर में इस साल वृक्ष के लकड़ियों से बहुत सारे फर्नीचर बना रहे हैं, जिसके कारण यह 15 से 25 वर्ष तक ही जीवित रह पाते हैं | इसकी ऊँचाई लगभग 32 से 36 तक होती है |

साल वृक्ष के पत्ते / Leaf

Sal Tree Leaf

इस पेड़ की पत्तियाँ की लंबाई लगभग 10 से 25 सेमी तथा चौडाई लगभग 5 से 15 सेमी होती है, जो एकदम गहरे हरे रंग में होते हैं | यह पत्तियाँ अप्रैल और मई माह में खिलते हैं तथा फरवरी और अप्रैल माह के बीच अधिकांश पत्तियां झड़ने लगते हैं |

साल वृक्ष के फूल / Flower

Sal Tree Flower

इस पेड़ के फूल लाल, भूरे तथा हल्के सफ़ेद रंग के होते हैं, जो दिखने में खूबसूरत होते हैं | कई बार साल पेड़ के फूल हलके गुलाबी, नारंगी, पिला और सफ़ेद रंग में भी पाए जाते हैं || इस फूल में ही इसके फल नजर आने लगते हैं | यह पत्तियों के साथ साथ खिलने वाले फूल होते हैं, जो की अप्रैल माह के आरम्भ में खिलने के लिए तैयार हो जाते हैं |

साल वृक्ष के फल / Fruits

Sal Tree Fruit

इसके फल आम तौर पर गर्मियों के मौसम में फल में परिपक्व होकर तैयार हो जाते हैं | यह दिखने में तो बिल्कुल फूल के जैसे ही लगते हैं, परन्तु पकने के बाद यह फल का रूप लेते हैं, जो एक प्रकार से बीज की तरह होते हैं | फल तैयार होने के बाद यह गोल आकार के होते जाते हैं, जो की देखने में नारियल का छोटा रूप जैसा दीखता है |

इससे बड़े पेड़ भी पाए जाते हैं जैसे बरगद का पेड़ और पीपल का पेड़ |

साल वृक्ष के बीज / Seeds

आम तौर पर इस साल पेड़ के बीज गोलाकार आकार में ज्यादा बड़े नहीं होते हैं, और यह एक फल में एक ही होते हैं | यह एक प्रकार से भूरे रंग का होता है, जो दो भागों में होता है | इसके बीजों से एक तरह का खाद्य पदार्थ निकला जाता है |

साल वृक्ष के लकड़ी / Tree

इस पेड़ की लकड़ियां बहुत ही कठोर, भारी, होती है | यह आम तौर पर भूरे रंग में ही होते हैं, जो बहुत ही मजबूत होती हैं | इसके लकड़ियों को भारत में मजबूती के नाम से दुसरे स्थान पर माना जाता है | इससे बनायी गयी फर्नीचर काफी मजबूत होती है तथा यह कई सालों तक सुरक्षित रहते हैं |

साल वृक्ष की पारंपरिक महत्व / Importance

  • हिन्दू धर्म:- साल वृक्ष को हिन्दू धर्म के अनुसार भगवान विष्णु का इष्ट माना जाता है | इसका नाम संस्कृत शब्दों शाला, शाल या सल से बना है | बंगाल में कई संस्कृतियाँ सरना बुरही नमक देवी की पूजा करती हैं, जो साल वृक्षों के पवित्र पेड़ों से जुड़ी हैं |
  • बौद्ध धर्म:- बौद्ध धर्म में  ऐसा कहा जाता है, की गौतम बुद्ध से पहले पांचवें और चौबीसवें बुद्ध को इस पेड़ के निचे बैठकर ज्ञान प्राप्त हुआ था | इस पेड़ के संक्षिप्त फूल को बौद्ध धर्म बहुत ही शुभ माना जाता है |

खूबियाँ / Features

  • यह एक प्रकार का सदाबहार पेड़ होता है |
  • इस पेड़ के सारे भागों का उपयोग होता है |
  • इसके फल तथा फूल दोनों ही दिखने में अछे लगते हैं |
  • यह पेड़ बारिश के आने का एक स्रोत है |

साल वृक्ष के उपयोग एवं फायदे / Benefits

  • इस पेड़ की बीजों से एक प्रकार का तेल निकाला जाता है, जिसे भोजन बनाने में उपयोग किया जाता है |
  • इसके पत्तियों को गावों में घरेलु कार्यों के लिए उपयोग में लाया जाता है |
  • इस साल के लकड़ियों को खिड़की, दरवाजे, टेबल आदि जैसे फर्नीचर बनाने में उपयोग किया जाता है |
  • यह पेड़ वातावरण को शुद्ध करता है |
  • कई देशों में इसका उपयोग दोना तथा पत्तल बनाने के लिए उपयोग किया जाता है |

साल वृक्ष का औपचारिक उपयोग / Uses of Sal Tree

  • इसमें Antibacterial गुण होते हैं जो Germs को मारने के साथ-साथ Bacteria को भी मार सकते हैं |
  • मधुमेह के रोगों में इसका उपयोग किया जा सकता है |
  • गठिया रोग को कम करने में भी इसका उपयोग कर सकते हैं |
  • नसों में दर्द होने वाली समस्या को दूर करने में यह काफी सहायक बन सकता है |
  • पीलिया तथा त्वचा में होने वाले इन्फेक्शन के लिए यह प्राकृतिक उपचार के रूप में काम आता है |

साल वृक्ष की देखभाल / How to Take Care

वैसे तो यह नरम वातावरण में ही होने वाला पेड़ है, परन्तु इसके लग जाने के बाद इसे ज्यादा पानी की जरुरत नहीं पड़ती है | इसके पौधे अक्सर बरसात के में ही ज्यादा मात्रा में उगते हैं और वर्ष में एक बार होने वाले बारिश के पानी से ही यह बढ़ते हैं |

इसके जड़ की मिट्टियाँ की खुदाई अगर अच्छे से की जाए तो यह जल्द ही बढ़ सकते हैं | इस पेड़ को बढ़ने के लिए इसके जड़ में हर साल एक बार अगर मिट्टी और गोबर खाद डाल दिया जाए तो इसकी जड़ मजबूत रहती है, जिससे यह जोर की आंधी या तूफ़ान में गिरती नहीं है | इसके पौधे को अच्छी तरह से बनने में लगभग 7 से 8 वर्ष तो लग ही जाते हैं, उसके बाद यह पौधा धीरे-धीरे पेड़ में बदलने लगता है | इस पौधे में लगभग 8 से 9 वर्ष के आस-पास से ही फूल तथा फल खिलने शुरू हो जाते हैं |

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