Rose Flower Information In Hindi- गुलाब का फूल से जुडी जानकारी

By | January 17, 2020

Rose एक बहुत ही खूबसूरत फूल है, जिसे हिंदी में गुलाब के नाम से जाना जाता है | आम तौर पर पूरे दुनिया भर में इस गुलाब के फूल को लगभग सभी लोग पसंद करते हैं, क्यूंकि यह खूबसूरत होने के साथ-साथ बहुत ही अच्छी खुशबू भी प्रदान करता है | इस फूल के पौधे में बहुत सारे छोटे छोटे हलके नुकीले कांटे होते हैं तथा यह एक झाड़ीदार पौधे के रूप में उगता है | परन्तु क्या आप जानते हैं, की इस खूबसूरत और सुगन्धित गुलाब के फूल को किस प्रकार से उगाया जाता है, इसके कितने प्रकार हैं, इत्यादि |

Rose Flower or Gulab ka phool

तो चलिए जानते हैं, इस बहुत ही खूबसूरत गुलाब के फूल के बारे में की यह किस प्रकार का होता है, इसे किस प्रकार से उगाया जाता है, इसके कितने प्रकार होते हैं, इत्यादि |

English Name: Rose
हिंदी नाम:
गुलाब
वैज्ञानिक नाम:
Rosa
परिवार:
Rosaceae

गुलाब का परिचय / Introduction of Rose Plant in Hindi

यह गुलाब Rosaceae परिवार से सम्बंधित एक कोमल फूल है, जिसका वैज्ञानिक नाम Rosa है | यह गुलाब एक बहुत ही सुन्दर फूल है, जिसकी ज्यादतर प्रजातियाँ एशिया, यूरोप तथा उत्तरी अमेरिका, आदि का मूल निवासी है | यह गुलाब का फूल अनेक रंगों में पाया जाता है, जिसमे लाल, गुलाबी, तथा काला इत्यादि | इस गुलाब के लाल तथा हलके गुलाबी रंग वाले फूल काफी मात्रा में पाए जाते हैं, जो बहुत ही प्रसिद्द हैं | इस फूल की पंखुडियां बहुत ही कोमल तथा मुलायम होते हैं | ये पंखुडियां पूरे फूल में चारो तरफ से खिली हुई होती हैं, जिससें फूल बहुत ही ज्यादा सुन्दर दिखता है |

इस गुलाब फूल के पौधे बहुत ही कांटेदार होते हैं, जो झाड़ियों की तरह उगते हैं | यह एक सदाबाहर पौधा है, जो आम तौर पर लगभग 4 से 6 मीटर की ऊँचाई प्राप्त कर सकता है | इस पौधे की शाखाएं पूरे तरह से कांटे से घिरे होते हैं, जो आम पौधे की शाखाएं की तुलना में हलके मजबूत होते हैं | इस फूल के पत्तियां हरे भरे रंगों में शाखाओं में तथा फूलों के निचे निकले हुए होते हैं | ये पत्तियां आम तौर पर गोलाकार तथा अंडाकार आकार में होते हैं, जिनकी धारियां हलके दांतेदार होती हैं | इन पत्तियों के ऊपर की सतह हलकी चिकनी होती हैं तथा इनके निचे की सतह हलके हरे रंग में थोड़े खुदरे जैसे होते हैं |

आम तौर पर इस गुलाब के फूल की पूरे दुनिया भर में लगभग 1000 से अधिक प्रजातियाँ पायी जाती है | इस गुलाब के पौधे की खेती कई देशों में काफी मात्रा में की जाती है | इस फूल के पौधे को भारत देश में लोग अपने घरो में तथा बगानों में एक सजावटी पौधे के रूप में बड़े ही प्यार से लगाते हैं, जो पौधे के साथ दिखने में और भी खूबसूरत लगता है | भारत देश में 12 फरवरी के दिन “रोज डे” यानि गुलाब दिवस के रूप में मनाया जाता है | इस गुलाब के फूल को दो प्रेमियों या जोड़ो के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसमे एक जोड़ा अपने दुसरे जोड़े को गुलाब का फूल देकर खुश तथा प्रभावित करता है |

किस्मे / Varieties

Rose plant, leaf and flower

1) सफ़ेद गुलाब: यह सफ़ेद रंग का गुलाब एक बहुत ही खुबसूरत फूल है, जो पृथ्वी के उत्तरी गोलार्ध क्षेत्रों में काफी मात्रा में पाए जाते हैं | इस सफ़ेद गुलाब के फूल को दोस्ती के मजबूत बंधन के प्रतीक की भूमिका के लिए भी जाना जाता है | यह सभी उम्र के लोगों का लोकप्रिय फूल है, जो झाड़ीदार पौधे में उगता है |

2) लाल गुलाब: यह लाल गुलाब एक बहुत ही सुन्दर तथा सुगन्धित फूल है, जो आम तौर पर बहुत ही आसानी से नजर आ जाते हैं | इस फूल का उपयोग मुख्य रूप से दो प्रेमियों द्वारा किया जाता है, जिसमे प्रेमी अपनी प्रेमिका को लाल गुलाब का फूल देकर अपना प्यार दिखाता है |

3) काला गुलाब: यह काला गुलाब आम तौर पर पूरी तरह से काला नहीं होता है, वह हलके काले रंग में होते है | ऐसा माना जाता है की, पूरी दुनिया भर में आज तक ऐसा कोई भी गुलाब नहीं मिला है, जो पूर्ण रूप से काले रंग में हो | इस गुलाब को मुख्य रूप से इत्र बनाने के लिए उपयोग किया जाता है |

4) गुलाबी गुलाब: यह गुलाबी गुलाब का फूल दिखने में काफी सुन्दर लगते हैं तथा ये काफी सुगन्धित भी होते हैं | इस फूल के पौधे हलके झाड़ीदार होते हैं, जिनके सभी शाखाओं में छोटे-छोटे कांटे निकले हुए होते हैं | इसका उपयोग एक प्रकार से सुगन्धित इत्र बनाने के लिए किया जा सकता है |

इस तरह के और कई सुंदर फूल है जैसे Daisy Flower, बेगोनिय फूल आदि |

पौधों का वर्गीकरण

आम तौर पर इस गुलाब के पौधे को इसके बनावट, पौधे की लम्बाई तथा इसके फूलो के आकार, आदि को देखते हुए इन्हें एक आधार पर पांच वर्गों में बाटा गया है, जो निम्नलिखित प्रकार से दिए गए हैं |

  • हाइब्रिड टी: इस वर्ग के पौधे लम्बे, झाड़ीदार होते हैं, जो हलके फैलते भी हैं | ऐसे पौधे में एक शाखा में एक फूल ही खिलता है, जो बहुत ही खुबसूरत तथा बड़ा होता है |
  • फ्लोरीबण्डा: इस फ्लोरीबण्डा वर्ग पौधे के फूल बड़े होते हैं, परन्तु हाइब्रिड टी वर्ग के फूलों से छोटे ही होते हैं | इस वर्ग के पौधे वाले शाखा में कई फूल खिलते हैं, जो अरेबियन नाइटस, एडीसन, सदाबहार, प्रेमा और अरुणिमा आदि किस्मो के फूल खिलते हैं |
  • पॉलिएन्था: पॉलिएन्था वर्ग के पौधों को आम तौर पर घरों के बाहर गमलो में तथा बगीचों में लगाने के लिए ज्यादातर उपयोग में लाया जाता है | ये फूल एक गुच्छे जैसे में उगते हैं, जिनमे कई गुलाब के फूल होते हैं |
  • मिनीएचर: इस वर्ग के पौधों में उगने वाले फूल छोटे-छोटे होते हैं | इसके अलावे इस वर्ग के पत्तियां तथा फूल भी छोटे-छोटे होते हैं, जिन्हें बेबी गुलाब या मिनी गुलाब, आदि नामों से पुकारा जाता है |
  • लता गुलाब: इस वर्ग के पौधे की शाखाएं लताओं की तरह उगती हैं, इसलिए इस वर्ग को लता गुलाब के नाम से जाना जाता है | इस पौधे के शाखाओं को सहारा देकर ऊपर चढ़ाया जाता है, जिसके फूल बहुत ही ज्यादा सुन्दर होते हैं |

इतिहास / History of Rose

Laal Gulab ka phool

इस गुलाब फूल के इतिहास में ऐसा माना जाता है की, इस गुलाब फूल की खेती लगभग 5000 वर्ष पहले चीन में शुरू की गयी थी | उस वक़्त गुलाब फूल का एक खुबसूरत किस्म नीले रंग का हुवा करता था, जो थोड़े समय के बाद विलुप्त हो गया था | इराक के एक राज्य असीरिया की शाहजादी पीले रंग के गुलाब से बहुत ही ज्यादा प्यार करती थी | मुग़ल साम्राज्य के समय में मुग़ल सम्राट की बेगम नूरजहाँ को लाल रंग का गुलाब अत्यधिक पसंद था | प्राचीन काल के सम्राटो द्वारा कई गुलाबो का बाग़ स्थापित किया गया है | यूरोप के दो देशों का राष्ट्रीय पुष्प गुलाब था, जिसमे एक देश का राष्ट्रीय पुष्प सफेद गुलाब और दूसरे देश का राष्ट्रीय पुष्प लाल गुलाब था | प्राचीन काल पहले इस गुलाब से इत्र बनाने के अविष्कार नूरजहाँ ने किया था | इसके अलावे भारत के पहले प्रधान मंत्री “पंडित जवाहर लाल नेहरु” का प्रिय फूल लाल गुलाब था |

उपयोग एवं फायदे / Uses and Benefits

इस गुलाब के फूल का उपयोग जिस प्रकार से किया जाता है, वे निचे दिए गए हैं |

  • इस गुलाब के फूल का उपयोग कई प्रकार के इत्र बनाने के लिए किया जाता है, जिसका सुगंध बहुत ही बढ़िया होता है |
  • इसके पत्तियों एक प्रकार का औषधीय गुण पाया जाता है, जिसका उपयोग औषधीय दवा के रूप में किया जा सकता है |
  • इस गुलाब फूल में पाए जाने औषधीय गुण का उपयोग कई रोगों को ठीक करने के लिए किया जाता है |
  • इस गुलाब के पंखुड़ियों का उपयोग सजाने के लिए उपयोग किया जाता है |
  • इसके पौधे को एक सजावटी पौधे के रूप में भी लगाया जा सकता है |
  • इसका उपयोग कई प्रकार के दवाओं का निर्माण करने के लिए किया जाता है |
  • इस गुलाब के फूल में vitamin C भरपूर मात्रा में पाया जाता है |

आप घर पर गुलाब के अलावे गेंदा का फूल भी आसानी से लगा सकते हैं |

खेती

आम तौर पर इस गुलाब के पौधे की खेती बड़े आसानी से की जा सकती है, जिसे उगाने में खाश मेहनत करने की आवश्यकता नहीं होती है | तो चलिए जानते हैं, की इस गुलाब के पौधे की खेती किस प्रकार से की जाती है |

जलवायु: आम तौर पर इस गुलाब के फूल को लगाने के लिए नरम जलवायु वाले स्थान में लगाएं | इस गुलाब के पौधे को हलके गरम जलवायु वाले मौसम तथा हलके ठण्ड वाली मौसम में भी उगाया जा सकता है, परन्तु यह पाला बर्दाश्त नहीं कर सकता है | इसे अगस्त से नवम्बर माह के बीच में आसानी से लगाया जा सकता है |

भूमी: इस गुलाब के पौधे को लगाने के लिए ऐसे भूमि की आवशयकता होती है, जो हलकी उपजाऊ हो |

गुलाब को कैसे उगाएं / How to Grow Rose Plant

अगर आप अपने घर पर या बागान में गुलाब का पौधा लगाना चाहते हैं तो आप निचे बतलाये गए तरीको को उपयोग कर के इसे लगा सकते हैं:

  • इस गुलाब के पौधे को बीज तथा शाखाएं से भी उगाया जा सकता है |
  • अगर इस गुलाब को लगाने के लिए बीज का उपयोग कर रहे हैं, तो बीज को ठीक प्रकार से तैयार करके हल्के वाले स्थानों पर लगाएं |
  • पौधे को लगाने के लिए एक पौधे से दुसरे पौधे की दूरी लगभग 10cm होनी चाहिए |
  • कुछ दिनों में बीज अंकुरित होकर तैयार होगा तथा थोड़े ही दिनों में पौधा भी तैयार हो जाएगा |
  • पौधे को लगाने के लिए इसके नए पौधे या इसकी शाखाओं को लगा दे |
  • पौधे में रोजाना समय-समय पर पानी आवश्यकता अनुसार डालते रहे |
  • इस गुलाब के पौधे के हलके बढ़ने के बाद इसे गमले में या पॉट में रखा जा सकता है |
  • इस गुलाब के पौधे को पूर्ण रूप से तैयार होकर फूल देने में कम से कम 30 से 40 लगते हैं |

देखभाल कैसे करे / How to Take Care

गुलाब के पौधे को लगाने में ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती है, तो चलिए जानते हैं गुलाब की देखभाल कैसे करे:

  • इस फूल को लगाने के बाद समय समय पर पौधे की कटाई छटाई करते रहे ताकि पौधे सुन्दर लगे |
  • गुलाब के पौधे को रोजाना सुबह-सुबह लगभग 3 से 4 घंटे धुप में छोड़ दे ताकि पौधा सही समय पर विकसित हो सके |
  • पौधे में पानी इसकी जरुरत के अनुसार ही डाले ताकि पौधे में कोई समस्या न हो |
  • इस फूल के पौधे में रासायनिक खाद या उर्वरक का इस्तेमाल बहुत ही कम करे |
  • यह एक अच्छी खुशबू देने वाला सुगन्धित फूल है, इसलिए इसमें कुछ कीड़े-मकौड़े लग सकते हैं, इससे बचने के लिए इसमें कीटनाशक दवा का उपयोग किया जा सकता है |
  • इस पौधे की समय-समय पर देख-भाल करते रहे की पौधा खराब न हो और अगर ऐसा होता है, तो इसमें दवा का छिडकाव किया जा सकता है |

रोचक तथ्य / Interesting Facts of Rose

  • यह गुलाब पूरे दुनिया भर के सभी लोगो का पसंदीदा फूल है |
  • यह अपनी खूबसूरती तथा सुगन्धित खुशबू के लिए जाना जाता है |
  • इस गुलाब फूल को प्यार का प्रतीक माना जाता है |
  • बाइबल में इस गुलाब फूल की चर्चा की गयी है |
  • इस फूल से सुगन्धित इत्र बनाए जाते हैं |

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