रैफ्लेशिया फूल – Rafflesia Flower Information in Hindi

By | August 15, 2019

फूल तो कई किस्म के होते है और हर एक फूल की सुगंध, आकार और रंग एक दुसरे से भिन्न ही होती है। परन्तु Rafflesia flower की बात ही कुछ अलग है | लेकिन क्या आप जानते है की दुनिया का सबसे बड़ा फूल कौन सा है ? यदि नहीं जानते तो आज हमारे इस article द्वारा आप दुनिया के सबसे बड़े फूल के बारे में जान जाइएगा । जी हाँ दोस्तों आज हम आपके लिए एक ऐसी अद्भुद फूल की जानकारियां ले के आए है जिसे जान कर आप भी हैरान रह जायेंगे । जिस फूल की हम बात कर रहे है उसका नाम है Rafflesia flower. तो चलिते जानते है इस अद्भुद फूल की हैरान कर देने वाली कुछ अद्भुद बाते ।

Rafflesia biggest flower in world

रैफ्लेशिया का परिचय / Introduction

Rafflesia दुनिया का सबसे बड़ा, सबसे वजनदार , सबसे दुर्लभ और दुनिया के सबसे बदबूदार फूलों में से एक है। यह flower आमतौर पर  मलेशिया  और इंडोनेशिया में पाया जाता है । इन दोनों देशो के अलावा ये फूल सुमात्रा व फ़िलीपीन्स  में भी पाई जाती है।  Rafflesia flower पौधे की दुनिया के लगभग हर फूलों से बड़ा फूल होता है। इसके पौधे की सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह एक परजीवी (parasitic) पौधा है जिसमें पत्ते और तने नहीं होती हैं । कहने के लिए इस की जड़ें होती तो है परन्तु वो भी वाईन के टिशू में बहुत गहराई में होती है ।  आइये अब इस पौधे के बारे में और इसके फूल के बारे में और भी details में जानते है ।

पौधा/ Plant

Rafflesia पौधा एक मात्र ऐसा पौधा है जिसका सिर्फ फूल ही ज़मीन के ऊपर दिखाई देता है , इसके अलावा इसका सभी भाग कवक जाल की तरह बेहद पतले होते हैं और वे सभी जमीन के भीतर ही धागों के रूप में फैले होते हैं। इस फूल के पौधे अन्य दूसरे पौधे की जड़ों से खुद के लिए भोजन चूसते हैं। रैफलेसिया खिलने के बाद हैवीवेट चैंपियन हो सकता है, लेकिन यह बेहद शर्मीला और मनमौजी पौधा भी होता है।

फूल / Flower

Rafflesia Flower

जैसा की हमने आपको पहले भी बताया की Rafflesia flower दुनिया का सबसे बड़ा flower है । यह एक विशाल पांच पंखुड़ियों वाला फूल है जिसका व्यास लगभग 105cm होता है। इसके एक फूल का वजन हीं लगभग 10kg तक का होता है। कहा जाता है की इस फूल की सबसे छोटी प्रजाति हीं कम से कम 20cm व्यास में पाई गई थी । इस फूल की पंखुड़ियों के रंग लाल या गहरे भूरे होते है जिस पर  छोटे छोटे सफेद धब्बे छिड़के हुए दिखाई देते हैं। इस फूल की life केवल 5 से 7 दिनों तक की होती है।

इस फूल की सभी प्रजाति के फूल की त्वचा को सपर्श करने से यह मांस की तरह प्रतीत होता है, यही नहीं इसके फूल से ऐसी बदबू आती है मानो जैसे किसी सड़े हुए मांस की बदबू हो । इसके इसी  गंध से कीड़े इसकी ओर आकर्षित होते हैं, जिससे फूल के परागण में सहायक होती हैं। लगभग 9 महीने की परिपक्वता के बाद, रैफलेसिया पौधा एक पत्तागोभी के shape की कली में खुलता है और यही गोभी के अकार का कली इसका फूल होता है । इस फूल के पांचो पंखुरियों के बीचो बीच से एक कुएं की तरह होता है जिसमें एक उभरी हुई सेंट्रल डिस्क होती है और उस पर लम्ब निकले हुए कई कांटें लगे होते हैं।

दुनिया में और भी कई प्रकार के फूल पाए जाते हैं जैसे की Hibiscus Flower, Zinnia Flower, Brahma Kamal आदि |

इतिहास / History of Rafflesia 

Bud of RafflesiaFirst time डॉ. जोसेफ अर्नाल्ड ने इंडोनेशिया में स्थित वर्षा वन में रैफलेसिया के फूल  की खोज की थी और उसी खोजी दल के एक नेता सर थॉमस स्टैमफोर्ड रेफ्लस के नाम पर इस फूल का नाम भी पड़ा था । तब से अभी तक इस फूल की लगभग 26 प्रजातियां की खोज कर ली गई है ।

चूंकि रैफलेसिया पृथ्वी पर सबसे दुर्लभ पौधों में से एक है, इसलिए लोगों ने 1929 से उनका अध्ययन करना शुरू कर दिया था । लोगो ने पौधे को कृत्रिम रूप से खेती करने की कोशिश की, क्योंकि केवल एक सप्ताह से भी कम समय तक जीवित रहने के लिए इसकी एक कली के फूल को बनने में कम से कम 9 से 21 महीने लग जाते है। लेकिन सभी प्रयोग विफलता में समाप्त हो गए।

जलवायु

इस फूल को गर्म और आर्द्र जलवायु की जरुरत होती है है क्योंकि ये उष्णकटिबंधीय वर्षा वन में पनपते है। रेफ्लेशिया के फूल वर्षा के समय रात्रि बेला में खिलते हैं।

मिट्टी / Soil

रैफलेसिया फूल को किसी एक प्रकार की मिट्टी की आवश्यकता नहीं होती है क्योंकि यह एक परजीवी पौधा है। यह मिट्टी को प्राप्त नहीं कर सकता क्योंकि इसमें कोई जड़ें, तना या पत्तियां नहीं होती हैं।

रोचक तथ्य / Interesting Facts about Rafflesia Flower

  • कीटों को आकर्षित करने के लिए एक बदबू का उत्सर्जन करने के बाद ही यह फूल मुरझा जाता है।
  • यह फूल व्यास में 90 cm तक बढ़ सकता है। अब तक का इसका सबसे बड़ा एक रिकॉर्ड पलुपा नेचर रिजर्व, सुमातरा में है 105cm ।
  • चूँकि इससे सड़े हुए मांस की बदबू आती है इस वजह से इसे कोर्पस्‌ (लाश) flower और मीट flower भी कहते है।
  • खिलने के केवल 5 से 7 दिन के बाद हीं इसके बाद ये काला पड़ जाता है और फिर सड़ जाता है ।
  • यह आमतौर पर इंडोनेशिया में “पद्म रक्षसा” और “बुंगा बंगाकाई” के रूप में जाना जाता है।
  • बढ़ने और खिलने से पहले, यह फूल महीनों तक मेजबान के शरीर के अंदर छिपा रहेगा।

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