आडू यानी Peach Fruit के Benefits, Meaning in Hindi

By | November 28, 2019

आड़ू नरम जलवायु में उगाये जाने वाली सबसे मुख्य खेती होती है | यह फल उत्तर पश्चिमी चीन का मूल निवासी है, इसके अलावे इसकी खेती चीन देश में सबसे ज्यादा की जाती है | यह पत्थर फल परिवार जिनका बड़ा बीच का बीज बड़ा है जैसे:- चेरी, खुबानी तथा  प्लम आडू, आदि | आडू उन्ही के परिवार से सम्बंधित एक फल है | यह फल अमेरिका में बहुत ही ज्यादा उगाया जाता है, क्यूंकि यह आडू वहाँ के सबसे लोकप्रिय फलों में से एक है | पूरे संसार का सबसे बड़ा आडू फल दक्षिण कैरोलिना के गैफनी में है एवं यह 10,000 पौंड से भी अधिक वजनदार है |

Peach Fruit

लेकिन क्या आप जानते हैं की हम जिस स्वादिष्ट फल आडू को बड़े ही मजे से खाते हैं उसके फायदे क्या हैं, कैसे उगाया जाता है इत्यादि से जुडी जानकारी? तो चलिए आज आपको Peach Fruit से जुडी जानकारी Hindi में बतलाते हैं |

  • English Name: Peach
  • Hindi Name: Aadu (आडू)
  • Scientific Name: Prunus persica
  • Family Name: Rose

आडू का परिचय / Introduction of Peach Fruit

यह एक रसदार फल है, जिसे आड़ू के नाम से जाना जाता है | इस फल का वैज्ञानिक नाम Prunus persica है | यह एक जीनस परिवार प्रूनस यानि गुलाब, खुबानी, बादाम, आदि के परिवार से सम्बंधित है | इस फल का छिलका दिखने में बाहर से चमकीला होता है, जो रंग में लाल, पीले तथा हल्के केसरिया रंग में ज्यादातर पाए जाते हैं | इसके अंदर का गुद्दा पीले रंग या नारंगी रंग दोनो में किसी भी रंग का हो सकता है, जो खाने में बहुत ही स्वादिष्ट लगता है | इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होते है | इस आडू की खेती भारत के हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर की ऊँची घाटियों और उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में होती है |

उत्पादक देश / TopPeach Fruit Production Countries

पूरे दुनिया भर में सबसे ज्यादा आडू की उपज करने वाला देश चीन है | पूरे दुनिया भर में वर्ष 2010 में आड़ू का उत्पादन सबसे ज्यादा करने वाला देश चीन था जिसने अकेले ही 10 मिलियन टन यानि 50% आडू की उत्पादन की थी | इसके अलावे और भी कई ऐसे देश हैं, जहाँ आडू की उत्पादन काफी मात्रा में की जाती है |

Sr. No. Country
1 स्पेन
2 इटली
3 ग्रीस
4 संयुक्त राज्य अमेरिका

आडू के फायदे और पाए जाने वाले पोषक तत्व  / Benefits of Peach Fruits

इस फल को खाने से हमारे शरीर में यह vitamin A की जरूरत का 6% और vitamin C की जरूरत का 15% प्रदान करता है, जिससे हमारा शरीर स्वस्थ रहता है तथा हमारे सेहत में विकाश होती है |

  • कैलोरी
  • वसा
  • कोलेस्ट्रॉल
  • सोडियम
  • कार्बोहाइड्रेट
  • चीनी
  • फाइबर
  • प्रोटीन

आडू खाने के फायदे

Peach Fruit Aadu ka phal benefits in Hindi

1) आडू एक ऐसा फल है जिसमे काफी कम मात्रा में कैलोरी होती है, अतः इसे नास्ते में लिया जा सकता है |

2) आडू एक ऐसा फल है जिसमे विटामिन सी काफी अच्छी मात्रा में पाई जाती है जो हमारी प्रतिरोधक छमता को बढ़ता है |

3) इसके अलावे आडू में एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो हमें कैंसर जैसे बिमारियों से बचाता है – Source |

4) आडू में अच्छी मात्रा में पोटैशियम भी पाया जाता है जो हमारे किडनी को स्वस्थ रखने में मदद करता है |

5) इन सभी के अलावे आडू में विटामिन ए,  इ भी पाया जाता है जो की हमारे आँखों के लिए अच्छा होता है |

प्रजाति / Varieties

Varieties of Peach Fruit

आम तौर पर इस आडू के फल की कई प्रजातियाँ पायी जाती हैं, जो दिखने अलग अलग तरह के होते हैं, लेकिन उनके फायदे एक समान होए हैं, जो निम्नलिखित प्रकार से दिए गए हैं |

सफेद आड़ू:- इस सफ़ेद आडू का गुद्दा पूरा सफेद दिखता है, परन्तु यह आडू बाहर से चिकना तथा हल्के लाल तथा गुलाबी दोनों रंगों में नजर आता है | इसका स्वाद बहुत ही लाजवाब तथा मीठा होता है | इसके बारे में यह भी कहा जाता है, की यह फल टमाटर की तरह नाजुक होता है |

पीला आड़ू:- यह पीला आडू बाहर से गहरे लाल रंग में होता है परन्तु अंदर से चिपचिपा,  सुनहरे पीले रंग का होता है | अगर इस फल का सेवन करके इसका लुफ्त उठाना चाहते हैं, तो इसे पकने दे तथा ताजा में ही खाए | यह फल इतना स्वादिष्ट होता है, की इसे खाकर अंदर से सुकून मिलती है |

डोनट पीच:- यह डोनट फल अंदर से सफेद गुद्दे में अनोखे मिठास वाले होते हैं | यह फल दिखने में हबी बहुत ही प्यारा लगता है तथा खाने में भी बहुत ही स्वादिष्ट लगता है, परन्तु इसकी खेती उतनी नहीं हो पाती ही है | इस फल को शनि आडू के नाम से भी जाना जाता है |

फ्रीस्टोन पीच बनाम क्लिंगस्टोन पीच:- फ्रीस्टोन आड़ू मीठे और रसदार होते हैं, जो हाथ से बाहर खाने के लिए एक खुशी है, क्यूंकि इसके गुद्दे के अंदर के गड्ढे को इतनी आसानी से हटा दिया जाता है, और फिर उसे बड़े ही आसानी से खाया जा सकता है | यह आडू ठण्ड में सेवन करने के लिए बहुत ही अच्छा है |

खेती / Peach Fruit Farming

Peach Fruit Farming

आडू के फल की खेती करने के लिए मध्य पर्वतीय क्षेत्र, घाटी क्षेत्रों में करना सबसे अनुकूल माना जाता है तथा उन क्षेत्रों में इसकी खेती करने में ज्यादा परेशानी नहीं होती है | तो आइये जानते हैं, की इसकी खेती करने के लिए हमें किस प्रकार के जलवायु तथा भूमी की जरुरत पड़ती है, इसके अलावे हम यह भी जानेंगे की इसकी खेती कैसे करते हैं |

भूमि:- वैसे तो आमतौर पर इस आडू के फल की खेती करने लिए पर्वतीय क्षेत्र, घाटी वाले क्षेत्रों की भूमी की जरुरत पड़ती है | लेकिन फिर भी इसकी बेहतर खेती करने के लिए जल निकासी वाली बालुई दोमट मिट्टी बेहतर होता है | इसके अलावे जिस भूमी में इसकी खेती की जानी है, उसकी मिट्टी का पीएच मान लगभग 5.5 से 6.5 तक होनी चाहिए |

जलवायु :- आडू के पौधा को लगाने के लिए अधिक शीतोष्ण तथा समशीतोष्ण जलवायु की जरूरत पड़ती है, जो की उसे उगाने के लिए बहुत ही बेहतर माना जाता है | जहाँ के क्षेत्र ठंडी तथा नमी हो एवं वहां हल्की शीत भी गिरती हो ऐसे जलवायु में इसे उगाने के लिए बेहतर माना जाता है |

पौधे लगाने की विधि:इसे लगाने के लिए पौधे की रोपाई करने से लगभग से 15 से 20 दिन पहले 1 x 1 x 1 मीटर की दूरी पर गड्ढे करके छोडदे | गड्ढे करने के बाद उनमें लभगग 18 से 20 kg की मात्रा में गाय के मल यानि गोबर को लगभग 120gm नाइट्रोजन, 50gm के आस-पास फास्फोरस, 100 पोटाश और 25ml क्लोरपाइरीफॉस के साथ मिश्रण बनाकर उनमे डाल दे | फिर उसमें पौधे को लगाए ताकि पौधे का विकाश जल्दी तथा सही तरीके से हो |

पानी:- पौध को लगाने के बाद उसमे प्रतिदिन दिन पानी दे जब तक की पौधा खुद से लगकर तैयार न हो जाए | पौधे के सही तरीके लग जाने के बाद उसमे पानी की मात्रा को हल्का कम करदे तथा पौधे के सूखने से पहले उसपर पानी डाले | गर्मी के मौसम में पौधे के जरुरत के हिसाब से पानी डालते रहे ताकि पौधा मरे न |

खाद और उर्वरक:- इस आडू के पौधे को लगाने के लगभग 1 से 2 वर्ष के बाद उसमे सड़ी हुई  गोबर की खाद लगभग 10 से 15kg, यूरिया खाद 100 से 200gm, तथा पोटाश 200 से 300gm को हर पौधे में डाले | पेड़ के बढ़ने के लगभग 3 से 4 वर्ष के बाद वही सड़ी हुई गोबर लगभग 25 से 30kg के अस-पास, यूरिया लगभग 500gm से 1 kg, पोटाश 500gm के आस-पास तथा एसएसपी लगभग 500gm से 750gm की मात्रा में सभी वृक्ष पर डाले |

फल के आने का समय

पौधे को लगाने के लगभग तीन वर्ष के बाद तक पेड़ों में  फल फूलने लगते हैं, तथा फूल खिलने के लगभग 4 से 5 महीने के बाद पेड़ों में फल आने लगते हैं | फल के होने के बाद उसे हतोड़े समय तक छोड़ दिया जाता है, ताकि फल ठीक तरीके से खाने योग हो सके | फिर उसे तोड़कर उसे हम तक पहुंचाया जाता है |

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