पीस लिली की जानकारी – कैसे लगाये, फायदे

By | August 25, 2019

पीस लिली पौधा एक घरेलु हाउस प्लांट है, जो लगभग सभी घरों में पाया जाता है | यह एक प्रकार का सादाबहार पौधा होता है, जिसे लगाने के लिए ज्यादा मेहनत नही करनी पड़ती है | इसे घर में लगाने से यह घरों में होने वाले दूषित हवाएं को लेकर शुद्ध हवा प्रदान करता है | यह पौधा दिखने में बहुत ही प्यारा लगता है तथा ज्यादा बड़ा भी नहीं होता है परन्तु इसके कई गुण होते  हैं, तो आइये जानते हैं घर में उगाए जाने वाले इस पीस लिली के बारे में |

Peace lily information in Hindi

  • English Name: Cobra plant
  • Scientific Name: Spathiphyllum
  • Species: Monsteroideae
  • Family: Araceae

आपको जानकर हैरानी होगी की नासा ने इस पौधे को घर के हवा को शुद्ध करने वाले पौधों की सूची में राखी है | यह घर के अन्दर हवा को साफ़ करने में मदद करता है – Source | यह घर के अन्दर लगभग वायु को लगभग 60% तक साफ़ कर सकता है |

पीस लिली पौधा के प्रकार / Varieties

पीस लिली पौधे के और भी कई नाम हैं जो निम्नलिखित प्रकार से दिए गए हैं |

  • Peace Lily
  • Cobra
  • Spath
  • Spathiphyllum

पीस लिली का पौधा

Peace lily flower

यह पौधा सबसे अधिक जाना जाने वाले हॉउस प्लांट्स पौधों में से एक है | Monocotyledonous प्रजाति में पीस लिली के फूल के लगभग 40 प्रजातियाँ पाई जाती हैं, यह पौधा अमेरिका और दक्षिणपूर्वी एशिया का मूल निवाशी है |

इस पौधे के फूल सामान्य रूप से बसंत ऋतू में ही खिलते हैं इसलिए पीस लिली की कुछ प्रजातियां, गर्मियों के मौसम में नमी छाया में रहना पसंद करते हैं | शांति लिली पौधे छोटे होते हैं लेकिन दिखने में बहुत ही आकर्षित लगते हैं | आमतौर पर ये पौधे तब सबसे बढ़िया लगते हैं, जब इनमें गहरे हरे रंग के पत्ते और सफेद “फूल” होते हैं | ये प्यारे पौधे जिस स्थान में रखे जाते हैं उस स्थान को उज्ज्वल कर देते हैं |

जीवनकाल / Lifespan

आम तौर पर कभी-कभी ऐसा देखा जाता है, की किसी कारण पौधा मर जाते हैं या सुख जाते हैं और सबको लगता है की इस पौधे की आयु इतनी ही दिन थे | परन्तु सही माइने में शांति लिली पौधा की औसत आयु लगभग 3 से 4 वर्ष होती है | अगर इसकी सही से देखभाल की जाय तो यह लगभग 4 से 5 वर्ष तक जीवित रह सकता है, और यह जब तक जीवित रहेगा तब तक ख़ूबसूरती निखरता ही रहेगा |

देखभाल कैसे करे / How to take care of Peace Lily

Peace Lily Plant inside houseवैसे इस पौधे की देखभाल करने में कोई बड़ी समस्या तो नहीं होती है | फिर भी इस पौधे को उगाने में जितनी भी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है वे सब निचे पूरी विस्तार से बतायी गयी है |

  • इस पौधे को ताज़ी मिट्टी में सुबह के समय में लगाए इससे पौधा तुरंत लग जाएगा |
  • शांति लिली पौधे को लगाते वक़्त पानी भरपूर मात्रा में दे ताकि पौधा अच्छे से लग जाए |
  • पौधे को लगाने के बाद सीधे धुप में न रखे क्यूंकि ऐसा करने से पौधे सूख सकते हैं |
  • इसे अपने घरों में या आंगनों में रखे ताकि पौधा सुरक्षति रह सके |
  • पौधे में पत्ते आ जाने के बाद हर 40 से 45 दिन में पौधे में उर्वरक डालते रहे इससे पौधे में विकाश जल्दी होगा |
  • जब तक पौधा छोटा रहता है, तब तक पानी ज्यादा मात्रा में न दे वरना पौधा गल सकता है |
  • जैसे-जैसे पौधा बड़ा होगा उसमे फूल आने शुरू होंगे तो उस वक़्त हल्का खाद तथा कीटनाशक दवा डाले इससे यह होगा की पौधे में कीड़ा नही लगेंगे तथा यह जल्दी बढेगा |
  • जब पौधे में फल आ जाते हैं तो पौधा में पानी देने की कमी न करे |

इस तरह के और भी कई घर के अन्दर लगाये जाने वाले पौधे (indoor plants) हैं जैसे की Spider Plant, Areca Palm, Begonia Plant आदि |

उपयोग एवं फायदे / Uses & Benifits

  • पीस लिली पौधा में इतनी शक्ति होती है की यह हवा की Quality को 60 प्रतिशत तक सुधार सकती है |
  • इस पौधे को अमोनिया और बेंजीन जैसे रोगों का इलाज करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है |
  • अगर इस पौधे को घर में लगाया जाए तो पौधे की सुनदरता और भी बढ़ जाती है तथा घर भी खूबसूरत लगता है |
  • फॉर्मलाडेहाइड और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैसों को बेअसर करता है |
  • इसे लगाने में और रखरखाव की ज्यादा जरूरत नहीं पड़ती है |
  • अगर बाथरूम में इसे गमले में रखा जाये तो बरसात और ठण्ड के मौसम में फफूंदी नहीं लगेगी |
  • इसके अलावे अगर आप इसे बेडरूम में रखते हैं तो यह रूम के अन्दर जमने वाले फुफंद को बढ़ने नहीं देता है, अतः दमा से पीड़ित लोगों के लिए यह पीस लिली फायदेमंद साबित हो सकता है |

आशा करती हूँ की आपको पीस लिली पौधे की दी गयी जानकारी अच्छी लगी होगी | अगर आपके घर पर भी यह पौधा है और आप कोई जानकारी साँझा करना चाहते हों तो आप मुझे जरुर बतलाये |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *