Papaya Tree Information in Hindi

By | December 16, 2019

पपीता एक मीठा फल है, जो आम तौर पर भारत में काफी मात्रा में पायी जाती है | पपीते का फल पकने के बाद खाने में अत्यंत स्वादिष्ट होता है | इसके अलावे इसके कच्चे फल का सब्जी बनाकर खाने में भी बहुत ही स्वादिष्ट होता है | आम तौर पर इस पपीते का पेड़ को पूरे भारत में लगभग सभी क्षेत्रों में पाया जाता है | लेकिन क्या आप जानते हैं की, इस पपीते का फल तथा पेड़ कैसा होता है, इसकी खेती कैसे की जाती है, तथा इसके गुण एवं लाभ कौन-कौन से हैं |

Papita ka ped yani Papaya tree

तो आइये जानते हैं, इस पपीते के फल के बारे में की यह किस प्रकार का फल है, इसके गुण क्या हैं तथा इसे खाने से कौन कौन से फायदे होते हैं |

English Name: Papaya
Hindi Name:
Papita (पपीता)
Scientific Name:
Carica papaya
Family:
Caricaceae

पपीता का परिचय / Introduction

पपीते का पेड़ एक सदाबहार वृक्ष होता है, जिसमे काफी मात्रा में पपीते के फल उगते हैं | यह Caricaceae परिवार से सम्बंधित एक पौधा है, जिसका वैज्ञानिक नाम Caricaceae है | इस पपीते के पेड़ की औषत लम्बाई लगभग 7 से 10 मीटर होती है, आम तौर पर जिसकी एक ही शाखा होती है | इस पेड़ की सबसे बड़ी खासियत यह है, की इसमें लकडियाँ नहीं होती हैं | यह पपीते का पेड़ नर एवं मादा दोनों लिंग पेड़ में मौजूद होता है | यह सभी क्षेत्रों में पाया जाने वाला पेड़ है, जो किसी भी स्थान में लगाया जा सकता है | ये पेड़ लगने लगभग एक वर्ष बाद फल देना शुरू कर देते हैं तथा लगभग 4 से 5 वर्षों तक ठीक प्रकार से फल देते हैं, उसके बाद इसमें काफी कम मात्रा में फल निकलते हैं, और फिर सुखकर गिर जाते है |

पत्तियां

Papaya leaf - papita ka patta

इस पपीते के पेड़ की पत्तियां एक ½ मीटर लंबे खोखले तथा नाजुक तने में निकली हुई होती है | ये काफी बड़ी होती हैं, जो लगभग 50 से 70 सेंटीमीटर व्यास लंबे होते हैं | इन पत्तियों के चारो तरफ हल्के से लंबे कोण के जैसे निकले हुए होते हैं | इन पत्तियों की ऊपर की सतह गहरे हरे रंग तथा निचे की सतह हल्के हरे रंग में होती हैं | ये एक साथ चार पांच के गुच्छों में निकलने वाले पत्तियां होती हैं | इन पत्तियों में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं, जिनका उपयोग दवाई बनाने के लिए किया जाता है |

फूल

Papaya flower

ये फूल सफ़ेद रंग में होते हैं तथा इनके बिच में पीले रंग के चोंगे होती हैं | आम तौर पर इनके 5 या 6 पंखुडियां होती हैं, जो दिखने में सुन्दर लगते हैं | ये स्वाद में मधुर तथा सुगंधित हैं, जिन्हें उबाल्कर खाया भी जा सकता है | इन फूलों में कई प्रकार के औषधीय गुण पाए जाते हैं, जिससे कई रोगों से छुटकारा भी पाया जा सकता है |

फल

Papite ka phal

इसके फल मीठे तथा रसीले होते हैं, जो खाने में बहुत ही स्वादिष्ट लगते हैं | ये फल जब कच्चे होते हैं, तब ये गहरे हरे रंग के होते हैं तथा पक जाने के बाद ये हलके पीले या नारंगी रंग के हो जाते हैं | फलो की औषत लंबाई लगभग 30 से 45 सेंटीमीटर तथा चौडाई लगभग तथा 15 से 25 सेंटीमीटर के बीच व्यास के होते हैं | इस फल का उपयोग कच्चे में सब्जी बनाने के लिए तथा पक जाने के बाद फल के तौर पर उपयोग में लाया जाता है | इस पपीते के एक फल का वजन लगभग 600gm से 1.50kg तक हो सकता है |

इस तरह के और भी फल हैं जैसे Kiwi Fruit और Peach Fruit जिसके कई फायदे हैं |

जीवनकाल / Lifespan of Papaya Tree

इस पपीते के पौधे की औसत उम्र लगभग 5 से 6 वर्ष होती है, क्यूंकि इनमे फल लगभग 4 से 5 वर्ष तक ही सही तरीके से आते हैं | उसके बाद इन्हें कबाड़ दिया जाता है, या अपनेआप सुखकर गिर जाते है |

पपीता की प्रजातियाँ / Varieties

आम तौर पर इस पपीते के 2 मुख्य प्रजातियाँ पायी जाती हैं, जो निम्नलिखित प्रकार से दिए गए हैं |

  • हवाई पपीता: ये पपीते ज्यादातर नाशपती के आकार के होते हैं, जिनका गुद्दा पकने के बाद सुनहरा पीला तथा हल्के लाल-नारंगी होता है |
  • मैक्सिकन पपीता: यह पपीता सबसे तेजी से बढ़ते वाला उष्णकटिबंधीय फलों में से एक माना जाता है, जिसकी औशत लंबाई लगभग 6 से 12 इंच लंबा होता है |

अन्य किस्मे / Hybrid Varieites of Papaya

  • बेटिना पपीता: इस किस्म के पपीते काफी मीठे तथा वजनदार होते हैं, जो आम तौर पर क्वींसलैंड तथा ऑस्ट्रेलिया में काफी मात्रा में पाया जाता है |
  • गिन्नी गोल्ड पपीता: इस पपीते में सुन्दर पीले रंग के गुद्दे होते हैं, जो पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में विकसित होते हैं |
  • कामिया पपीता: यह एक प्रकार से बौने किस्म का पपीता है | इसमें पीले रंग के मांस होते हैं, जिसका स्वाद बहुत ही मीठा होता है |
  • वामनोलो पपीता: ये पपीते नारंगी-पीले रंग के होते हैं, जो खाने में बहुत ही मीठे लगते हैं |
  • पूसा नन्हा: इस प्रजाति के पौधे बहुत ही छोटे होते हैं, जो लगभग 30 cm की ऊँचाई से ही फलना शुरू कर देते हैं | इसके फल का स्वाद बहुत ही मीठा तथा स्वादिष्ट होता है |
  • रेड लेडी: यह एक अर्ध बौनी किस्म की प्रजाति है, जिसका पेड़ लगभग 20 से 30 फीट की ऊँचाई प्राप्त करता है तथा इसका फल खाने में काफी स्वादिष्ट होता है |

पपीता का उपयोग / Uses of Papaya

  • इस पपीते के पत्तियों का उपयोग डेंगू से सम्बंधित रोगों से छुटकारा पाने के लिए किया जा सकता है |
  • इसके पत्तियों में मलेरिया रोधी गुण पाए जाते हैं, जो मलेरिया जैसे खतरनाक रोगों से छुटकारा दिलाने में काफी मदद करता है |
  • लीवर में होने वाली रोग जैसे:- पीलिया, लीवर सिरोसिस, आदि को रोकने तथा उसे ठीक करने में यह एक प्रकार से गुणकारी एजेंट के रूप में काम करता है |
  • पाचन क्रिया में होने वाली समस्या तथा कब्ज रोग को रोकने के लिए इसका उपयोग किया जा सकता है |
  • मुधुमेह के रोगियों के लिए यह पपीता बहुत ही लाभकारी हो सकता है, क्यूंकि यह रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में काफी मदद करता है |
  • इस पपीते के रस में vitamin C तथा vitamin A के गुण पाए जाते हैं, त्वचा में होने वाली समस्या को रोकती है तथा त्वचा में निखार लाती है |
  • यह पपीता एक प्रकार से प्राकृतिक कंडीशनर के रूप में काम करता है, जो बाल से जुड़े समस्या को दूर करता है |
  • गर्मियों के मौसम में रोजाना सुबह-सुबह इस पके हुए पपीते का सेवन करने से पेट में ठंडक मिलती है |
  • किडनी के रोग में पपीता बहुत उपयोगी और असरदार होता है |

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *