नागकेसर का पौधा | Mesua Ferrea Tree in Hindi

By | January 18, 2020

यह नागकेसर  एक सुंदर तथा सदाबहार पेड़ है, जिसे स्टील वुड के नाम से जाना जाता है | यह नागकेसर (Mesua Ferrea) सीधा बढ़ने वाला पेड़ है, जिसका उपयोग कई प्रकार के आयुर्वेद दवाओं तथा विभिन्न प्रकार के रोगों के उपचार में किया जाता है | यह Calophyllaceae के परिवार से सम्बन्धित एक पेड़ है, जिसकी लकड़ियां बहुत ही मजबूत एवं उपयोगी होते हैं | परन्तु क्या आप जानते हैं की, यह नागकेसर का पेड़ किस प्रकार का होता है, इसके गुण कौन से हैं तथा इसके लाभ कौन से हैं |

Mesua Ferrea plant or Nagkesar

तो चलिए जानते हैं, इस पौधे के बारे में की यह किस प्रकार का होता है, इसके गुण कौन से हैं, तथा इसकी खेती कैसे की जाती है |

English Name: Iron-wood, Indian rose chestnut
Hindi Name: नागकेसर
Scientific Name: Mesua ferrea
Family: Calophyllaceae
Ayurveda Name: Nagkeshar, Nagapushpa

नागकेसर का परिचय / Introduction

इस औषधीय पेड़ नागकेसर के पेड़ की औशत ऊँचाई लगभग 30 से 36 मीटर के आस-पास होती है | यह बढ़ने के साथ फैलता भी है, जो ठीक प्रकार से बढ़ने के बाद एक छाएदार पेड़ के रूप में काम आता है | इस पेड़ की शाखाएं बहुत ही मजबूत होती हैं, जो हर तरफ निकले हुए होते हैं | इन शाखाओं के छाल कई औषधीय गुण पाए जाते हैं, जिन्हें से निकालना आसान नहीं होता है, क्यूंकि इसके छाल बहुत ही ज्यादा शख्त होते हैं |

पत्तियां: इस पेड़ की पत्तियां गहरे हरे रंग में होती हैं, जिसकी निचे की सतह हलके सफ़ेद रंग में होती है | इसकी पत्तियां आम तौर पर 1 से 1.5 इंच चौड़े तथा 4 से 6 इंच लम्बे आकार में होते हैं, जिसके आगे की ओर हलकी नुकीली जैसी निकली होती है | ये पत्तियां आम तौर पर पूरे पेड़ में काफी घने निकले हुए होते हैं, जिससे इसके पेड़ के निचे बहुत ज्यादा छाव रहता है |

फूल: इस नागकेसर पेड़ के फूल दफेद तथा पिल्लै रंग में खिलते हैं, जो दिखने में बहुत ही खुबसूरत लगते हैं | ये फूल आकार में बड़े होते हैं, जिनसे एक प्रकार की बहुत ही अच्छी खुशबू आती है |

Nagkesar Flower mesua ferrea

इन फूलों में लगभग 4 पंखुडियां निकले हुए होते हैं, जिनके बीचो-बीच एक पीले रंग का सिर निकला होता है | इस नागकेसर के फूलों में औषधीय गुण पाए जाते हैं, जिनका इस्तेमाल कई प्रकार के रोगों को ठीक करने के लिए किया जा सकता है |

फल: इस नागकेसर के फल खाने योग्य हरे रंग में होते हैं, जो पक जाने के बाद भूरे रंग के हो जाते हैं | इस नागकेसर के प्रत्येक फल में लगभग 2 से 3 बीज पाए जाते हैं | इसके फल में पाए जाने वाले औषधीय गुण कई प्रकार के रोगो के उपचार के रूप में काम आ सकता है | इसके फल अगस्त से सितम्बर माह के आस-पास में अच्छी तरह से तैयार हो जाते हैं |

कहाँ पाया जाता है

यह सदाबहार नागकेसर का पेड़ आम तौर पर कंबोडिया, म्यांमार, सिंगापुर, थाईलैंड तथा भारत, आदि के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है | इसके अलावे यह पेड़ भारत देश के । हिमालय के पूरबी भाग, पूरबी बंगाल, आसाम, बरमा, दक्षिण भारत, सिहल आदि में इसके पेड बहुतायत से मिलते हैं |

इसके अलावे जानिए Croton Plant से जुडी जानकारी यहाँ पर |

नागकेसर के फायदे और उपयोग / Uses and Benefits

इस नागकेसर के पेड़ से होने वाले फायदे एवं उपयोग निम्नलिखित प्रकार से दिए गए हैं |

  • इस नागकेसर पेड़ की लकड़ियों का उपयोग कई प्रकार के फर्नीचर बनाने के लिए किया जा सकता है |
  • इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी के गुण पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर में होने वाली सूजन एवं घाव को ठीक करने में काफी मदद करता है |
  • त्वचा रोग से समबन्धित परेशानियों को ठीक करने एवं त्वचा में निखार लाने के लिए यह बेहद लाभकारी हो सकता है |
  • सर्दी या खांसी से सम्बंधित परेशानियों को ठीक करने के लिए इस नागकेसर का उपयोग किया जा सकता है |
  • पाचन क्रिया से सम्बंधित रोगों को ठीक करने के लिए इसका सेवन किया जा सकता है |
  • इस नागकेसर का उपयोग अस्थमा से सम्बंधित रोगों को ठीक करने के लिए कर सकते हैं |
  • इसके पेड़ को एक छाएदार तथा सजावटी पेड़ के रूप में भी लगाया जा सकता है |

रोचक तथ्य / Interesting Facts

तो चलिए अब जानते हैं नागकेसर से जुड़े कुछ रोचक तथ्य के बार मिने:

Nagkesar fruit seeds

  • यह नागकेसर आम तौर पर बहुत ही धीमी गति से बढ़ने वाला पेड़ है |
  • इसके पौधे को सुन्दर दिखने वाले एक सजावटी पौधे के रूप में उगाया जाता है |
  • इस पेड़ की पत्तियां दिखने में गुलाबी से लाल तथा भूरे से हरे रंग के होते हैं, जो दिखने में अनोखे होते हैं |
  • यह नागकेसर का पेड अपने खूबसूरती के लिए काफी चर्चित है |

खेती / Farming

इस नागकेसर के पौधे की खेती करने के लिए काफी मेहनत तथा इन्तजार करने की आवश्यकता होती है, क्यूंकि यह पेड़ तैयार होने में थोड़े समय लेता है | तो चलिए जानते हैं की, इस पेड़ की खेती किस प्रकार से की जाती है |

जलवायु: इस नागकेसर के पेड़ को लगाने के लिए आम तौर पर हलके गरम वातारण वाले जलवायु की आवश्यकता होती है | यह पेड़ नरम वातारण वाले स्थान में भी आसानी से लगाया जा सकता है |

भूमि: इस नागकेसर की खेती करने के लिए दोमट मिट्टी वाली भूमि की आवश्यकता होती है | इसके पेड़ को ऐसे ही भूमि में लगाया जा सकता है, जहाँ सिंचाई कीउच्च व्यवस्था हो तथा पानी निकास ठीक प्रकार से हो |

देखभाल  कैसे करे / How to Take Care of 

इस पेड़ को लगाने के बाद इसकी देख भाल निम्नलिखित प्रकार से की जाती है |

  • इस नागकेसर के पौधे को लगाने के बाद इसमें खाद एवं उर्वरक समय-समय पर डालते रहे ताकि पौधा अपने समय पर विकसित हो सके |
  • इसमें पानी समय-समय पर जरुरत के अनुसार डालते रहे ताकि पौधा मरे न |
  • इसके छोटे पौधे में कीट लग सकते हैं, ऐसे में इसमें कीटनाशक दवा का छिडकाव अवश्य करे |
  • अगर कभी ऐसा हो की पौधे की पत्तियां सड़ने लगे तो उन्हें तुरंत ही हटा दे अन्यथा वे पेड़ को बर्बाद कर सकते हैं |
  • इसके पौधे की कटाई-छटाई समय समय पर किया जा सकता है |

आशा करती हूँ की आपको Nagkesar से जुडी अच्छी जानकारी मिलती होगी | अगर आपके पास भी Mesua Ferrea से जुडी कुछ information हो तो आप यहाँ जरुर बतलाये |

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