List of Medicinal Plants in Hindi & Benefits

By | September 7, 2019

आज कल हमारे आस-पास या हमारे घरों में औषधीय पौधे होते हुए भी हमें इनसे होने वाले फायदे एवं इनके गुण के बारे में जानकारी नहीं होती है, की इन औषधीय पौधों के उपयोग कब और किन समस्याओं के लिए किया जा सकता है | तो आइये जानते हैं, कुछ ऐसे Ayurvedic Medicinal Plants के बारे में जो हमारे बहुत ही नजदीकी है, जिन्हें हम बहुत ही आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं |

1) तुलसी- Basil

Tulsi

यह तुलसी का पौधा बहुत ही आसानी से उगने वाला पौधा है, इसलिए यह आम तौर पर सभी घरों में पाया जाता है | यह हिन्दू धर्म के पूजा में बहुत ही खाश माना जाता है तथा कहा जाता है, की भगवान विष्णु का प्रिय पौधा भी है |

इस पौधे को घरों में या आंगन में लगाने से आस-पास   मच्छर या छोटे-छोटे कीड़े घरों में नहीं आते हैं | अगर इस तुलसी के पत्ते का सेवन रोजाना किया जाए तो इससे खून साफ़ रहता है | इस तुलसी के पत्ते के सेवन करने से सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होगा |

इसके अलावे सर्दी-खासी को दूर करने के लिए चाय में डालकर भी इसका सेवन करने से यह बहुत ही लाभदायक होता है | इसके उपयोग त्वचा में हुए घाव या जले हुए को ठीक करने के लिए किया जा सकता है |

2) एलोवेरा- Aloe vera

Alovera

यह एक छोटा सा पौधा है, जिसे दुनिया भर के घरों मे उगाया जाता है | इसमें कई प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमारे सेहत के लिए तथा त्वचा के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं |

यह त्वचा में होने वाले दाग अथवा मुहांसे जैसे समस्याओं से छुटकारा दिलाने में बेहद मदद करता है |

इसे चेहरे में लगाने से चेहरे में ताजगी तथा एक नयी चमक आ जाती है | यह चेहरे में किसी भी प्रकार की दाग नहीं होने देता है | वजन घटाने के लिए भी इसका सेवन किया जा सकता है | और तो और इसका उपयोग गठिया तथा डायबिटीज़ जैसे रोगों से छुटकारा पाने के लिए भी किया जाता है | इसे अपने घरों के आंगन या छतों में उगाया जा सकता है तथा इसमें ज्यादा पानी डालने की भी आवशयकता नहीं होती है | क्यूंकि यह कम पानी में भी काफी दिनों तक जीवित रह सकता है |

3) पुदीना – Mint

Pudina mint

पुदीना ज्यादातर पानियों वाले स्थान में पायी जाती है | यह अधिकतर बागानों में या कुआं के बगल में ही पाए जाते हैं | इसका उपयोग मुख्यतः पुदीना चटनी बनाने के लिए किया जाता है, जिसका स्वाद बहुत ही लाजवाब होता है |

इसे ज्यादतर इस्तेमाल गर्मियों के मौसम में लू से बचने की लिए शरबत बनाकर किया जाता है | इसका सेवन करने से पेट में होने वाले दर्द मानो जैसे गायब ही हो जाते हैं | यह त्वचा से जुड़ी कई समस्या का समाधान करता है | इसे काली मिर्च, हिंग तथा जीरे के साथ मिलाकर इसका सेवन करने से यह उल्टी जैसी परेशानी को ठीक कर देता है | अगर त्वचा में इसके पत्तियों को पीसकर लगाया जाए तो इससे त्वचा को ठंडक मिलती है | 

4) लैवेंडर – Lavender

Lavender

यह एक प्रकार का जड़ी बूटियों वाला पौधा है, जो रेतीली तथा पत्थरों वाले भूमी में बहुत ही आसानी से पाए जाते हैं |

मधुमक्खियाँ इस पौधे को बहुत ही पसंद करते हैं, क्यूंकि वे इसके फूल से शहद बनाते हैं | यह एक प्रकार के प्रकृतिक एंटीसेप्टिक के रूप में भी काम आता है | इस लैवेंडर से बहुत प्रकार के औषधि तथा बाम बनाया भी जाता है | साथ ही इस पौधे से लैवेंडर का तेल भी बनाया जाता है, जिसे कई तरह के रोगों को ठीक करने में इस्तेमाल किया जाता है | इसके तेल का उपयोग गठिया रोग को ठीक करने में किया जाता है | इस लैवेंडर के तेल का उपयोग मन को शांत रखने के लिए भी किया जाता है | 

5) अश्वगंधा – Ashwagandha

Ashwagandha

इस पौधे के जड़ से घोड़े के मूत्र जैसी गंध आती है, इसलिए इसका नाम अवश्गंधा पड़ा | इस अवश्गंधा पौधे की खेती एक प्रकार के नकदी फसल के रूप में की जाती है | इसका उपयोग शरीर में ताकत बढ़ाकर ताकतवर बनाने के लिए किया जाता है | इस पौधे का उपयोग आयुर्वेदिक औषधियां बनाने में काफी किया जाता है | इसके जड़ो को चूर्ण बनाकर गठिया एवं जोड़ो के दर्द जैसे रोग को ठीक करने के लिए किया जाता है | खांसी तथा अस्थमा जैसे रोग को ठीक करने के लिए भी इस अवश्गंधा के जड़ का चूर्ण उपयोग किया जा सकता है | इसका उपयोग तंत्रिका तंत्र से सम्बन्धी कमजोरी को दूर करने के लिए किया जाता है |

6) पथरचटा – Bryophyllum pinnatum

Pattharchatta

यह भारत में लगभग 60 प्रतिशत घरों के बगानो में पाया जाने वाला पौधा है | इस पथरचटा पौधा में अनेक तरह के औषधीय गुण पाए जाते हैं | यह मुख्य तौर से किडनी से सम्बंधित रोगों के इलाज के लिए उपयोग में लाया जाने वाला एक पौधा है | इस पथरचटा के पत्तियों का उपयोग पेट में होने वाले विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने के लिए किया जाता है | पेशाब या मूत्र में होने वाली परेशानियों से छुटकारा दिलाने में यह बेहद मदद करता है | इसे पीसकर इसके लेप को सिर पर लगाने से यह सिरदर्द को भी ठीक कर देता है | इसके अतिरिक्त इस पथरचटा के पत्तियां के लेप को घाव में लगाने से यह उसे भी ठीक करने में बेहद मदद करता है |

7) स्टीविया – Stevia

stevia

स्टीविया पौधा मधुमेह जैसे बीमारी के इलाज में काम आने वाला एक औषधीय दवा के रूप में एक पौधा है | इस पौधे का जड़ हल्का मीठा होता है | इसका उपयोग करने से मधुमेह को नियंत्रण रखा जा सकता है | इस स्टेविया के इस्तेमाल से आँत की बीमारी से भी छुटकारा पाया जा सकता है | इसके अलावे इस स्टेविया पौधे का इस्तेमाल रक्तचाप रोग के इलाज में उपयोग किया जाता है | आम तौर पर इस पौधे की खेती दक्षिण अमेरिका, मध्य अमेरिका और मैक्सिको में भारी मात्रा में की जाती है |

8) खस – Poppy

Khus vetiver Plant

सुगंध देने वाला एक लंबे घास की तरह दिखने वाला एक पौधा है यह खस, जो की एक तमिल शब्द से मिलकर बना है | यह सात से 10 पौधों के गुच्छों में उगने वाला एक पौधा है | इसका उपयोग प्राचीनकाल से ही भारत में सुगंधित परफ्यूम (perfume) बनाने के लिए किया जा रहा है | इस पौधे के जड़ों को एक खाश तरह का पर्दा बनाने में इस्तेमाल किया जाता है | इस पर्दे को कमरे के खिड़कियों में लगाने के बाद उसे भिगोया जाता है, ताकि कमरे के अंदर ठंडी हवा आ सके | आम तौर पर इस खस के जड़ का इस्तेमाल कूलर बनाने में भी किया जाता है |

9) कोस्टस – Costus

Costas

यह एक प्रकार का जड़ी बूटियों वाला पौधा है | इस पौधे से निकलने वाले तेल का उपयोग दवा बनाने के लिए किया जाता है | इसके जड़ का उपयोग Nematode नामक Infection के इलाज के लिए किया जाता है | इससे निकलने वाले तेल का उपयोग सिरप के रूप में अस्थमा, खांसी तथा गैस जैसे बिमारियों को ठीक करने के लिए किया जाता है | कोस्टस के तेल का उपयोग व्यंजन को स्वादिष्ट बनाने के लिए किया जाता है | इसके अलावे इस कोस्टस का तेल पाचन क्रिया को सही बनाये रखता है तथा पेट में होने वाली गड़बड़ी को ठीक करने में बेहद मदद करता है | इसके तेल का इस्तेमाल सुगंधित तेल के रूप में भी किया जा सकता है |

10) मेथी- Fenugreek

Methi Plant

मेथी भारत में एक प्रकार से सुगंधित मसाले तथा औषधीय दवा के रूप में जाना जाता है | इसे दक्षिण यूरोप, और पशिचिमी एशिया के कुछ हिस्सों में उत्पति मानी जाती है | इसकी पौधे की पत्तियां तथा बीज दोनों खुशबू देती हैं | इसलिए इन दोनों का उपयोग मसाले के रूप में किया जाता है | इसके अलावे इस मेथी का उपयोग कई प्रकार का दवा बनानें के लिए भी किया जाता है | इसका उपयोग शुगर रोग में करने से बेहद लाभदायक रहता है | रोजाना सुबह तथा संध्या में इसके रस का सेवन करने से डायबिटीज में फायदा होता है | अगर वजन कम करना चाहते हैं, तो इस मेथी को रत में फूलने देने के बाद सुबह बिना कुछ खाए इस फूले हुए मेथी को खाए फिर कुछ ही दिनों में परिणाम नजर आ जाएगा |

11) गेंदा फूल – Marigold

Marigold Flower

यह एक ऐसा फूल है, जो बड़े ही आसानी से उगाया जाता है | यह दुनिया भर के सभी घरों में तथा बागों में पाए जाने वाला फूल है | यह बहुत ही खूबूसरत तथा आकर्षित होता है | इस फूल से बहुत ही सुन्दर-सुन्दर माला बनाया जाता है | इसके अलावे इसका उपयोग कई प्रकार के बिमारियों के इलाज के लिए की जाती है | वैसे इस गेंदे फूल के पत्तियां में Anti-inflammatory गुण पायी जाती है, जिससे यह जोड़ो के दर्द एवं गठिया रोग से छुटकारा दिलाने में बेहद  मदद करता है | इसके पत्तियां को उबालकर कुल्ला करने पर दांत दर्द से आराम मिलता है | इसके अतिरिक्त बवासीर से भी काफी राहत दिलाता है, यह गेंदे का फूल | इस गेंदे के पत्तियां को मोम में गर्म करने बाद फिर उसे ठण्ड होने के बाद फटी एडियों में लगाने से यह मुलायम हो जाते हैं |

List of Medicinal Plants in Hindi

इसके अलावे भी कई और medicinal plants हैं, तो आइये हिंदी और English में इनके name को जानते हैं:

Sr. No. Name In English Name In Hindi
1 Fenugreek मेथी
2 Marigold गेंदा फूल
3 Kostas कोस्टस
4 Poppy खस
5 Stevia स्टेविया
6 Stilted पथरचटा
7 Undesirable अवश्गंधा
8 Lavend लैवेंड
9 Peppermint पुदीना
10 Aloe vera एलोवेरा
11 Basil तुलसी
12 Garlic लहसून
13 Creat कलमेघ
14 Indian Cinnamon तेजपत्र
15 Celery अजवाइन
16 Ginger अदरक
17 Lemon नींबू
18 Turmeric हल्दी
19 Crassula ovata जेड पौधा
20 Balsam बालसम
21 Peace Lily शांति लिली
22 Hedera helix हेडेरा हेलिक्स
23 Anthurium एंथुरियम
24 Asafoetida हींग
25 Henna मेंहदी

आशा करती हूँ की आपको यहाँ दी गयी आयुर्वेदिक Medicinal plant की जानकारी अच्छी लगो होगी |

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