Banana Tree Information in Hindi – केला का पेड़

By | December 20, 2019

केला जिसको अंग्रेजी में ‘Banana’ कहते है जो बुद्धिमानी लोगों का फल कहलाने वाला एक फल है, जिसे लोग बड़े ही खुशी से खाते हैं | यह खाने में बड़ा ही मजेदार तथा मीठा होता है | इस केले के फल तथा पत्तियों को पूजा करने में भी इस्तेमाल किया जाता है | इसकी खेती भारत, चीन, अफ्रीका, अमेरिका, आदि गरम देशों में की जाती है |

Kele ka ped - Banana Tree

चलिए जानते हैं, खाने में स्वादिष्ट लगने वाले इस केले के के बारे में की इसकी खेती किस प्रकार की जाती है तथा इसके पौधे कैसे होते हैं |

  • English Name: Banana
  • Scientific Name: Musa
  • Hindi Name: Kela (केला)
  • Family: Musaceae 

केले का पौधा / Banana Plant

मूस प्रजाति के घासदार पौधों से सम्बंधित यह पौधा जिसके फल को केला कहते हैं | यह आम तौर पर दक्षिण एसिया के सदाबहार जंगलों में काफी मात्रा में पाए जाते हैं | यह लंबे पत्तियों वाला एक पौधा है | यह पौधा काफी लंबा तथा काफी मजबूत होता है केले के पौधे का हर भाग को किसी न किसी काम में उपयोग किया जाता है | Sauth में इस पौधे के पत्तों को खाना परोसने के लिए इस्तेमाल किया जाता है तथा इसके फल एवं पुष्प का सेवन किया जाता है | हैंडी क्राफ्ट बनाने के लिए सूखी सामग्री को उपयोग में लाया जाता है |

जीवनकाल/ Lifespan of Banana Tree

इसकी औसत आयु लगभग 5 से 6 वर्ष होती है, लेकिन अगर इसकी देखभाल अगर अच्छे से की जाए तो यह लगभग 6 से 7 वर्ष तक जीवित रह सकता है | इस पौधे की ऊँचाई लगभग 8 से 9 मीटर होती है |

इस केले के पौधे की खेती मुख्यतः इससे रेशे निकालने तथा फल के लिए की जाती है |  

केले के पत्ते / Leaf of Banana Tree

Kele ka patta Banana Tree

इसके पत्ते बहुत ही लंबे तथ चौड़े होते हैं | जिसकी लम्बाई लगभग दो मीटर तथा चौड़ाई लगभग आधी मीटर होती है | इस केले के पेड़ में 8-12 पत्तियां होती हैं | इसकी पत्तियां शुद्ध हरी रंग की होती है तथा इस पर पत्ते के बीच में लम्बी-लम्बी रेखा जैसी बनी होती हैं |

फूल / Flower

Kele ka phool Banana flower

इस पौधे में दो प्रकार के फूल पाए जाते हैं, एक नर तथा दूसरा मादा | इसके मादा फूल हल्के भूरे तथा हल्के बैगनी तथा लाल रंग के होते हैं, जो दिखने में बहुत ही खूबसूरत लगते हैं | इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है, की केले एक पौधे में सिर्फ एक ही फूल खिलता है | इसे फूल को खाया भी जा सकता है | इस केले के फल सिर्फ मादा फूल पर आते हैं जो बहुत सारे रहते हैं |

फल / Fruit

Kela

यह फल डाल के एक गुछे में लगभग 18 से 20 केले की पंक्ति होती है, जो दिखने में बहुत ही अच्छे लगते हैं | यह फल छोटे तथ बड़े दोनों आकर का होता है | एक जो लगभग 4 से 5 इंच लंबा होता है तथा एक बड़े आकार का केला जो लगभग 7 से 9 इंच लंबा होता है | यह फल जब कच्चे रहते हैं, तब यह हरे अंग में नजर आते हैं तथा पकने के बाद पीले तथा बैगनी रंग के हो जाते हैं | जब यह फल कच्चे रहते हैं, तब भी इसका इस्तेमाल सब्जी बनाने में किया जाता है | जब ये पक जाते हैं तब इसे पूजा में चढ़ाया जाता है तथा ऐसेही फल के रूप में खाया जाता है, जो खाने में बहुत ही मीठा तथा स्वादिष्ट होता है |

फायदे / Benefits

  • केले का सेवन करने से केले से विटामिन बी 6 शरीर में आसानी प्राप्त हो सकता है |
  • केले का सेवन गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है, क्यूंकि इसमें वीटामिन 6 पायी जाती है जो आने वाले बच्चे को जल्दी विकसित होने में मदद करता है |
  • इसका सेवन करने से इसमें पाए जाने वाले मैगनिज प्राप्त होते हैं, जो त्वचा के लिए बहुत ही फायदेमंद है |
  • रक्तचाप जैसे रोग को नियंत्रित रखने में यह केला बेहद मदद करता है |
  • यह दिल के रोगियों के लिए बहुत ही फायदेमंद है |
  • यह पाचन क्रिया को ठीक करने के लिए भी उपयोग किया जाता है |
  • कच्चे केले का उपयोग सब्जी बनाने के लिए किया जाता है |

रोचक तथ्य/ Interesting facts:-

 

केले की खेती / Farming:-

इस केले का कोई बीज नहीं होता है, यह पौधे से ही निकलने वाला पौधा है | इसे लगाने के लिए केले के सबसे बड़े पौधे जो गिरने वाल है, उसकी जड़ों के नीचे एक कलम होता है, जिसे चूषक कहा जाता है उसे भी कम से कम 15 से 17 फुट गड्ढे में लगाने से यह केले का पौधा लगभग 2 से 3 हप्ताह में अंकुरित होता है |  इसे ऐसी जगह पर लगाया जाता है, जहाँ की मिटटी नरम हो तथा वहाँ पानी की मात्र ज्यादा हो | इस पौधे में जितनी जल्दी तथा जितनी ज्यादा पानी डाली जाए उतनी ही जल्दी यह बढ़ता भी है | इसे बढ़ने में पूरे 9 महीने लगते हैं |

जब यह बढ़ जाता है तब कुछ ही समय के बाद इसमें फूल आने शुरू हो जाते हैं और फिर लगभग 4 से 6 महीने में इसमें फल आकार तैयार हो जाते हैं | तब आप इसके फल का उपयोग कर सकते हैं |

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