केंचुआ खाद की जानकारी | Vermicompost in Hindi

By | December 16, 2019

केंचुआ खाद खेती के लिए एक बहुत ही लाभकारी खाद है, जो आम तौर पर खुद ही बनायी जा सकती है | इस खाद का उपयोग इसलिए किया जाता है, ताकि रसायनिक खादों का ज्यादा उपयोग न किया जा सके, क्यूंकि इन रसायनिक खादों का ज्यादा उपयोग हमारे लिए बहुत ही नुकशानदायक हो सकता है | इसीलिए इन खादों से छुटकारा पाने के लिए केचुवा तथा अन्य जैविक खादों का उपयोग करना चाहिए |

Kkechua khad ki jankari

वैसे आप जानते हैं की, केचुवा का खाद कैसे बनाया जाता है, इसे बनाने के लिए किन-किन चीजों की आवश्यकता होती है तथा इसके लाभकारी गुण कौन से हैं, इत्यादि |

केंचुआ खाद का परिचय / Vermicompost Introduction

यह केचुवा खाद एक प्रकार का जैविक खाद है, जो केचुवा (कीट), गोबर तथा अन्य चीजों से बनाया जाता है | यह खाद केचुवा कीट द्वारा खाया जाने वाला जैविक भोजन उसके पेट में जाने के बाद जो पदार्थ मल बनकर निकलता है, उसे केचुवा खाद कहते हैं | इस केचुवा का मल हल्के काले रंग में तथा चायपत्ती के दाने के जैसे आकार की होती है | इसका उपयोग खेती करने के लिए काफी मात्रा में की जाती है, क्यूंकि इस खाद के गुण जैविक खादों के गुणों से काफी अच्छे तथा लाभकारी होते हैं | अन्य रासायनिक खादों में कई प्रकार के रसायन पाए जाते हैं, जिसका अधिक उपयोग हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, परन्तु इस खाद में किसी भी प्रकार की कोई रसायनिक गुण नहीं पायी जाती है, जिससे यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभकारी होता है | इस खाद को बनाना भी बहुत ही आसान है, इसलिए इसका उपयोग लगभग किसानो द्वारा किया जा सकता है |

समाग्री / Ingredients

वैसे तो आम तौर पर इस केचुवा के खाद को बनाने के लिए केचुवा की भूमिका होती है, परन्तु इस खाद को बनाने में ऐसे अन्य कई सामग्रियों की आवश्यकता होती है, जो निम्नलिखित प्रकार से दिए जा रहे हैं |

  • पशुवों का सड़ा हुआ गोबर
  • उपजाऊ मिट्टी
  • घरेलु कचरे
  • किसी भी फसल की डंठल
  • पुआल
  • सुखी पत्तियां

केंचुआ खाद बनाने की विध / Preparation Method

Vermicompost prepration method in Hindi

वैसे तो इस केचुआ के खाद को बनाने के लिए लगभग सभी समाग्रियों को एक साथ मिश्रित किया जाता है | तो आइये जानते हैं, की इस केचुए की खाद को की प्रकार से बनाया जाता है |

  • आम तौर पर इस खाद को बनाने के लिए सबसे पहले छाएदार स्थान का चयन करे तथा वहाँ धूप बहुत ही कम पड़े एवं हवा अच्छी तरह आनी चाहिए |
  • इसे बनाने के दौरान लंबे एवं चौड़े एक आयतकार आकार की भूमी में लगभग 1 से 5 मीटर गड्ढा खोदे या किसी आयतकार आकार के बक्से का चुनाव करे ताकि किसी भी हाल में खाद इधर-उधर न निकले |
  • इसके खाद को बनाने के लिए सबसे पहले आधे सड़े हुए गोबर तथा उपजाऊ मिट्टी को मिश्रित करके गड्ढे में डालदे तथा उसमे अपने अनुमान से केचुआ मिलादे |
  • इन्हें डालने के बाद अपने घर से रोजाना निकालने वाले कचरे उस गड्ढे में डाल दिया जाना चाहिए तथा कुछ दिनों बाद उसमे हल्का पुआल एवं कई फसलों के डंठलों आदि डालकर एक बार मिलादे |
  • इन समाग्रियों को एक साथ एकत्रित करने के बाद लगभग 20 दिनों के अंतराल में एक बार अच्छी तरह मिला दे ताकि खाद ठीक प्रकार से तैयार हो जाए |
  • इस खाद को अच्छी तरह से मिलाने के बाद यह लगभग 30 से 40 दिनों बाद तैयार हो जाता है, जिसे अच्छी तरह से ढककर तैयार हो जाता है |

केंचुआ खाद को बनाने में लगने वाला समय / Time Required

आम तौर पर इस जैविक केचुवा खाद को अच्छी तरह से मिश्रित होने में लगभग 10 से 12 दिन लगते हैं, उसके बाद इसके मिश्रण को 12 से 15 दिनों बाद एक बार फिर से अच्छी तरह से मिलाना पड़ता है | उसके बाद यह खाद फिर लगभग 8 से 10 दिनों में अच्छी तरह से तैयार हो जाता है, यानि इस खाद को पूरी तरह से तैयार होने में कम से कम 35 से 40 दिन लगते हैं |

केंचुआ खाद का उपयोग / Uses of Vermicompost

वैसे तो आम तौर पर इस केचुआ खाद का उपयोग एक जैविक खाद के रूप में किया जाता है, तथा इसके अलावे भी इस खाद को अनेक प्रकार से उपयोग किया जाता है, जो निम्नलिखित प्रकार से दिया गया है |

  • इस केचुवा के खाद का सबसे पहला उपयोग किसी पौधे के बीज की बुवाई से पहले हल्के मात्रा में लाया जाता था |
  • जब पौधे की रोपाई करने से पहले खेत को तैयार करने के दौरान इस केचुए के खाद को डालकर अच्छे से खेत की जुताई कर देनी चाहिए तथा फिर पौधे को लगाया जाना चाहिए |
  • इस खाद को पौधे के लगने के बाद उनके जड़ो के चारो तरफ अच्छी तरह से डाल देना चाहिए, ताकि फसल में कोई समस्या न हो |
  • पौधों को लगाने के बाद जब पौधे में कीट लगने लगे तो उनमे इस केचुए से बने कीटनाशक का उपयोग किया जा सकता है |
  • अगर पौधे में किसी भी प्रकार की समस्या हो या पौधा अपने समय पर विकसित न हो पाए तो उसमे इस केचुए के खाद को दोबारा डाला जा सकता है |
  • पौधे में बेहतर फल आने के लिए उसके जड़ में अच्छी तरह से इसके खाद को डाला जाता है |

केंचुआ खाद के फायदे / Benefits of Vermicompost in Hindi

आम तौर पर इस केचुआ खाद के अनेक प्रकार के फायदे हैं, जो फसल में बढ़ोत्तरी से लेकर मनुष्यों के स्वास्थ्य तक हैं | तो आइये जानते हैं की, इस केचुए खाद के फायदे कौन-कौन से प्रकार के हैं |

  • इस केचुए खाद को बीज के बोने से पहले खेत की तैयारी करने के दौरान हल्का कम मात्रा में डाला जाता है, जिससे पौधा सही तरीके से उगे |
  • पौधे की रोपाई से पहले खेत में इस केचुए खाद को अच्छी तरह से डाले ताकि पौधा लगाने के बाद फसल एकदम अच्छी तरीके से निकले |
  • इस खाद में पाए जाने वाले पोषक तत्व के कारण भूमी में होने वाली उर्वरता की वृधि अधिक होती है |
  • किसी भी फसल को लगाने से पहले खेत में इसका अच्छे से छिड़काव करने से फसल की उपज में बढ़ोत्तरी होती है |
  • इस जैविक खाद से उगाये जाने वाले फसल बिना रसायन के होते हैं, जो हमारे लिए किसी भी प्रकार से हानिकारक नहीं होते हैं |
  • जिस खेती में इस जैविक खाद का उपयोग किया जाता है, उसका स्वाद बहुत ही स्वादिष्ट एवं फायदेमंद होता है |
  • इस खाद को किसी खाली या बेकार जमीन में बनाकर किसान अपने खेत में बहुत ही आसानी से तथा बहुत ही कम लागत में फसल उगाकर अच्छी खाशी लाभ पा सकते हैं |

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