Jasmine Flower Info in Hindi – चमेली भूल

By | May 8, 2019

Jasmine flower जिसे hindi में “चमेली का फूल” कहते है यह एक झाड़ी या बेल जाति से related फूल होता है । इस फूल का नाम “चमेली” Parsi words “यासमीन” से पड़ा है, जिसका अर्थ होता है  “प्रभु की देन”। हिमालय का Southwestern region इस फूल का मूल स्थान है। कहा जाता है की इस फूल की उत्पत्ति पश्चिमी चीन में हिमालय पर हीं हुई थी। भारत में इस फूल की खेती केवल ३००० मीटर की ऊँचाई तक ही की जाती है । इसके अलावा यूरोप कई देशों में भी jasmine की खेती की जाती है।

Jasmine flower information in Hindi

यह एक बहुत हीं सुगंधित फूल होता है जिसकी वजह से ये लोगो के बीच बेहद लोकप्रिय है । यह एक ऐसा फूल है जिसकी खुशबू सूरज ढलने के बाद रात में अधिक फैलती है । इस फूल की कलियां इसकी खिले हुए फूलों की तुलना में अधिक सुगंधित होती हैं। चमेली के फूलों का उपयोग कई तरह से किया जाता है जैसे की इसके गजरे बना के बेचे जाते है या फिर इसे पूजा करने के उपयोग में भी लाया जाता है । इस फूल की लगभग २०० प्रजाति पाई जाती है जिसमे से दो प्रकार की प्रजातियों का उपयोग तेल उत्पादन के लिए किया जाता है और वो हैं जैस्मीनम ग्रैंडफ्लोरम और जैस्मीनम ओफिसिनेल।

मौसम की आवश्यकता

Jasmine के लिये गरम और समशीतोष्ण दोनों हीं तरह की जलवायु सही माना गया है । इसके अलावा इसकी खेती सूखे स्थानों पर भी की जा सकती है । चमेली के पौधे को जून से लेकर नवंबर के दौरान लगाया जाना उचित होता है और रोपण के लगभग छह महीने बाद इसके पौधे पर फूल आने लगते है । 

चमेली  के पौधे और  पत्ते / Jasmine Plant & Flower in Hindi

Pink color Jasmine flower

यह सुन्दर फूल भिन्न प्रकार के रंगों में पाया जाता है | आमतौर पर चमेली के फूल सफ़ेद और गुलाबी रंगों में पाया जाता है | आइये जानते हैं Jasmine flower से जुडी information hindi में:

  • चमेली के फूल की झाड़ियाँ लगभग 10 से 15 ft की ऊँचाई तक पहुँचती हैं और यह हर साल  लगभग 12 से 24 इंच बढ़ती हीं जाती हैं।
  • चमेली के पत्ते या तो सदाबहार होते हैं या पर्णपाती।
  • इसकी पत्तियों का आकार normal लगभग ढाई इंच लम्बी होती है ।
  • इसके पौधे का तना पतला हल्का हरा , चमकीला , और 4 तरफा होता हैं।

चमेली का फूल

  • चमेली की अधिकांश प्रजातियाँ सफेद रंग की होती है और इसके फूल की आकार लगभग 1 इंच की होती हैं।
  • इसके अलावा इसके कुछ फूल पीले रंग के भी होते है ।
  • इसके एक फूल में अक्सर पांच या छह पालियां होती हैं। यह फूल मजबूत और सुगंधित होती है।

इस तरह की मिलती जुलती फूल हैं Pansy Flower |

पौधे की रोपण व देखभाल / How to take care of Jasmine Flower in Hindi

  • इसके पौधे को नम, अच्छी तरह से सूखा, रेतीले दोमट मिट्टी में उपजाऊ स्तर की उर्वरता के साथ विकसित किया जाता है। इसे अलावा इसे काली चिकनी मिटृटी में भी उगाया जा सकता है ।
  • रोपाई के बाद लगभग एक महीने तक पौधों की अच्छे से देख रेख करनी होती है ।
  • इसकी पत्ती के सांचों को यदि मिट्टी में मिलाया जाए तो इसका पौधा और भी बेहतर विकसित होता है।
  • जैस्मिन के पौधे को पूर्ण सूर्य की रौशनी की आवश्यकता होती है । चमेली के पौधों को दिन में कम से कम चार घंटे तक पूरी धूप प्रदान की जानी चाहिए।
  • गर्मी के दिनों में इसके पौधे को भरपूर पानी दिया जाना चाहिए। यही नहीं सिंचाई के वक्त सभी सूखे हुए पौधे को हटा कर उसके जगह पर नए पौधों को लगा देना चाहिए। समय-समय पर पौधों की कटाई छँटाई भी करते रह जरुरी होता है ।
  • इसके पौधे को क्यारियों में लगभग 1 मीटर से लेकर 2 मीटर के distance पर लगाना चाहिए ताकि पौधे के विकसित होने के बाद इसे एक दुसरे से टकराने से बचाया जा सके।
  • वसंत के समय इसमें हल्के उर्वरक का उपयोग करना सही रहता है ।

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