Jackfruit Tree Information in Hindi – कटहल का पेड़

By | October 31, 2019

यह विशाल पेड़ भारत में पाए जाने वाला एक प्रचलित पेड़ है, जिसे कटहल के नाम से जाना जाता है | यह पेड़ भारत देश में उत्तर-पूर्व के पर्वतीय क्षेत्र, छोटानागपुर के पठारी क्षेत्र, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं बंगाल के मैदानी भागों में काफी मात्रा में पाया जाता है | इसका फल खाने में बहुत ही स्वादिष्ट होता है तथा बहुत ही भी लाभकारी होती है | इसका वैज्ञानिक नाम Artocarpus heterophyllus है, जो Mulberry परिवार से सम्बंधित एक पेड़ है |

Jackfruit tree information in Hindi

तो चलिए जानते हैं, इस कटहल के पेड़ यानि Jackfruit tree से जुडी जानकारी हिंदी में जैसे इसके इसके गुण, लाभ इसकी देखभाल कैसे करे इत्यादि |

English Name: Jackfruit
Scientific Name: Artocarpus heterophyllus
Family:
Mulberry

कटहल का परिचय / Introduction of Jackfruit

यह कटहल का वृक्ष एक सदाबहार पेड़ है, जिसके फल काफी बड़े तथा फायदेमंद होते हैं | यह पेड़ एक प्रकार से बहुत ही विशाल तथा फैलने वाला पेड़ होता है | आम तौर पर यह लगभग 10 से 15 मीटर लंबा बढ़ने वाला तथा अपने घने एवं विशाल आकार के साथ फैलने वाला पेड़ है | इस पेड़ की छाया में कॉफी, इलाइची, काली मिर्च, हल्दी, अदरक आदि की खेती बड़े ही आसानी से की जा सकती है | इसके अलावे इस पेड़ की लकड़ियाँ मजबूत भी होती हैं, जिसका कई प्रकार के फर्नीचर बनाने तथा घरेलु कार्यों में उपयोग किया जा सकता है |

पतियाँ / Leaf

इस कटहल के पेड़ की पत्तियां की ऊपर की सतह गहरे हरे रंग में होती है तथा इसके निचे की सतह हल्के हरे रंग में होती है | ये पत्तियां हल्के चौड़े, गोलाकार तथा हल्के अंडाकार आकार में होते हैं | इन पत्तियों की औषत लंबाई लगभग 10 से 20 सेंटीमीटर होती है तथा चौडाई लगभग 6 से 10 इंच के आस-पास होती है | इन पत्तियों का उपयोग गाँव में लोग अपने पालतू पशुवों जैसे: बकरी, बकरा तथा भेड़ आदि के भोजन के लिए करते हैं | ये पत्तियां पतझड़ के मौसम में झड़ जाते हैं, बसंत ऋतू के बाद इसमें फिर से नए-नए पत्तियां उगने लगते हैं |

फल / Fruit

Jackfruit flower and fruit

यह कटहल एक ऐसा फल है, जिससे स्वादिष्ट व्यंजन बनाकर खाया जा सकता है | इस कटहल के फल का उपयोग मुख्य रूप से सब्जी, आचार तथा पकौड़े बनाने के लिए किया जाता है | इस फल के छिलके बाहर से दिखने हरे रंग का होता है, जिसमे छोटी छोटी हल्के कांटे की तरह नुकीली से निकली हुयी होती हैं | ये फल अंदर से दिखने में हल्के सफ़ेद तथा घी रंग के होते हैं, जिसमे लगभग 100 से भी अधिक व्यक्तिगत होते हैं | इसके अंदर मांस के रूप में इसके फूल ही होते हैं, जिसे खाया जाता है |

इसके फल पक जाने के बाद पीले रंग के होते हैं, जो खाने में बहुत ही मीठे तथा स्वादिष्ट लगते हैं | इसके फल में बहुत सारे ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमारे लिए बहुत ही लाभकारी हैं | इसके अलावे इस कटहल में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं, जिसके उपयोग से कई रोगों से छुटकारा पाया जा सकता है |

इस तरह के कई और पेड़ हैं जिसे आप जानना पसंद करेंगे जैसे जामुन का पेड़ या सहजन का पेड़ जो की भारत देश में आसानी से पाया जाता है |

बीज / Seed

कटहल के हर फल में बीज होते हैं, जो सफ़ेद रंग के होते हैं तथा इसके भी छिलके होते हैं | पूरे कटहल के फल के अंदर में अगर 100 फूल है, तो उन सबके अंदर इसके बीज पाए जाते हैं | ये बीज ज्यादा बड़े नहीं होते हैं, जो लगभग 3 से 4 इंच लंबे होते हैं |

कटहल के बीज का भी सब्जी बनाया जाता है, जो खाने में बहुत ही स्वादिष्ट होता है | इन बीजो में काफी मात्रा में लाभकारी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमारे लिए भी लाभकारी हो सकते हैं |

कटहल का उपयोग एवं फायदे / Uses and Benefits of Jackfruit in Hindi

वैसे तो आम तौर पर इस कटहल के फल का उपयोग मुख्य रूप से व्यंजन बनाकर खाने के रूप में किया जाता है | परन्तु इसके अलावे भी इस कटहल फल का उपयोग कई रोगों के उपचार के रूप में किया जाता है, जो निम्नलिखित प्रकार से दिये गए हैं |

  • कटहल के सभी फलों में काफी मात्रा में रेशे पाए जाते हैं, जो हमारे पाचन क्रिया को ठीक करने में काफी मदद करते हैं |
  • रक्तचाप बढ़ जाने की समस्या में इस कटहल के फल का उपयोग किया जा सकता है |
  • कैंसर रोग में इस कटहल का सेवन करने से यह उसे कम करने या रोकने में बेहद मदद करता है |
  • ह्रदय तथा ह्रदय से सम्बंधित किसी भी रोग से छुटकारा पाने के लिए इस कटहल के फल का सेवन किया जा सकता है |
  • इस कटहल के दाने का सेवन वजन घटाने के लिए किया जा सकता है |
  • इस कटहल के पेड़ की लकड़ियों का उपयोग कई प्रकार के लकड़ी के फर्नीचर तथा घरेलु कार्यों के लिए किया जा सकता है |
  • आँख तथा त्वचा से सम्बंधित समस्याओं के लिए इस कटहल का उपयोग किया जा सकता है |
  • हड्डियों तथा जोड़ों में होने वाले दर्द की समस्या में इसके बीजों का सेवन करने से उसे ठीक किया जा सकता है |
  • मानसिक तनाव से सम्बंधित परेशनियों से छुटकारा पाने के लिए इसका उपयोग किया जा सकता है |
  • इसका आचार बनाने के लिए इस कटहल को उपयोग में लाया जा सकता है |
  • पके हुए कटहल के अंदर के एक फल को अगर अच्छी तरह से तोड़कर थोड़े से पानी में उबाला जाए तथा उसके ठन्डे होने के बाद पीने से ताजगी आती है |

पोषक तत्व

Jackafruit Tree

इस कटहल के फल तथा इसके बीजो में पाए जाने वाले पोषक तत्व हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभकारी है | इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व निम्नलिखित रूप से दिए गए हैं |

  • कैलोरी
  • वसा
  • आहार फाइबर
  • प्रोटीन
  • पोटेशियम
  • कैल्शियम
  • कार्बोहाइड्रेट
  • फोलेट

लोहाइसके अलावे इस कटहल के फल में हल्के कम मात्रा में विटामिन ए, विटामिन सी, थियामिन, राइबोफ्लेविन, कैल्शियम, पोटेशियम, फास्फोरस, लोहा, सोडियम, जस्ता तथा नियासिन जैसे कई अन्य पोषक तत्व पे जाते हैं |

गुण एवं विशेषताएं / Features

  • यह पेड़ गर्म तथा नम तापमान वाले क्ष्रेत्रों में काफी मात्रा में पनपते है |
  • इस कटहल के पेड़ में पूरे एक वर्ष में लगभग 100 से भी अधिक फल फलते हैं |
  • यह बहुत ही मीठा तथा सुगंधित होता है, जो आम, केला, तरबूज, पपीता, आदि फलो के स्वाद से मिलता जुलता है |
  • बुखार-अस्थमा तथा दस्त से सम्बंधित समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए इस कटहल पेड़ के जड़ से अर्क का उपोयग हो सकता है |

देखभाल कैसे करे / How to Take Care of Jackfruit

वैसे तो आम तौर पर इस कटहल के पेड़ की देख भाल करने के लिए ज्यादा समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है | तो चलिए जानते हैं, की इस कटहल की देख भाल किस प्रकार से करे |

  • इसे किसी ऐसे भूमी में लगाना चाहिए जहाँ की भूमी उपजाऊ हो |
  • इस पौधे के लगाने के बाद इसमें रोजाना पानी ठीक प्रकार से डाले |
  • पौधा जब बड़ा हो जाये तो इसकी सिंचाई हर 25 से 30 दिनों में एक बार करे |
  • इसके छोटे पौधों में किसी भी कीट को लगने न दे |
  • पौधों को लगाने के लगभग एक महीने बाद उसमें खाद एवं उर्वरक डाले |

मैं आशा करती हूँ की यहाँ दी गयी कटहल के पेड़ और फल से जुडी जानकारी आपको अच्छी लगी होगी |

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