गुड़हल के पौधे और फूल – Hibiscus Flower Information in Hindi

By | March 19, 2019

Hibiscus flower को hindi में गुड़हल का फूल या  फिर जवाकुसुम कहते है जो की फूलो का एक पौधा होता है। इस फूल का वनस्पतिक नाम “हीबीस्कूस् रोज़ा साइनेन्सिस” है ।  Hibiscus flower कई रंगों में खिलने वाला एक सुगन्धित पौधा है जिसे आप अपने घर के आंगन में या फिर अपने घर के पिछवाड़े में भी लगा सकते है । यह फूल सबसे आश्चर्यजनक फूलों में से एक फूल कहलाता है। आइये अब इस flower के बारे में कुछ और जानकारियां प्राप्त करते है जैसे की इस फूल का रंग , इसके पत्ते का आकार , इसकी प्रजातियाँ इत्यादि ।

गुड़हल का परिचय (Introduction of Hibiscus Flower)

Hibiscus flower Gudhal ka phool

Hibiscus flower आमतौर पर तुरही के आकार के होते हैं और यह लगभग सभी प्रकार के रंगों में खिलते हैं। इस फूल का पौधा बड़े झाड़ियों वाला एक छोटा पेड़ होता हैं जो लंबे समय तक जीवित रह कर रंगीन और तुरही के आकार के फूल पैदा करता हैं । इस फूल का पौधा लगभग 15 फीट तक बढ़ता हैं ।  इसके पत्ते गहरे हरे रंग के प्रत्यावर्ती, सरल, अंडाकार या भालाकार होती हैं और इसके पत्ते के किनारे में दंतीय होते हैं।

Hibiscus flower आकर्षक और तुरही के आकार के साथ साथ लगभग 6 इंच व्यास तक के बड़े हो सकते हैं । पीले रंग से लेकर आड़ू से लेकर लाल तक के रंग । इसके हर फूल में 5 या इससे भी ज्यादा पंखुड़ियाँ होती हैं। यह फूल लाल रंग के अलावा सफेद , गुलाबी, पीला , आदि कई रंगों में खिलता है । इस फूल की चौडाई 4 से 5 cm तक होती है। इस पौधे का फल dry होने के साथ  पंचकोणीय होता है जिसकी हर फाँक में बीज होते हैं। फल के तैयार हो जाने के बाद यह अपने आप फूटता है और इसके बीज बाहर आ जाते हैं ।

प्रजातियाँ (Species of Hibiscus)

Hibiscus species

Hibiscus flower के बहुत से प्रजातियाँ पाए जाते है जिनमे से इसके 4 प्रजातियाँ सबसे प्रमुख है।

  • हार्डी हिबिस्कस,
  • शेरोन का गुलाब,
  • गुलाब का पौधा, और
  • उष्णकटिबंधीय हिबिस्कस।

हार्डी हिबिस्कस (hardy hibiscus) – यह प्रजाति सबसे अच्छा तब पनपता है जब यह एक हवा-आश्रय वाले वातावरण में होता है जो सूर्य के रौशनी से भरा हो । आमतौर पर इस प्रजाति के फूल बहुत नम मिट्टी में सबसे अच्छा पनपता है । यदि इसे नियमित रूप से पानी पिलाया जाए तो इसे कम नमी वाले मिट्टी में भी उगाया जा सकता है ।

शेरोन का गुलाब (rose of Sharon) – Hibiscus का दूसरा प्रमुख प्रजाति होता है “शेरोन का गुलाब” जो की ज्यादातर चीन में पाया जाता है । यह एक ऐसा प्रजाति है जो की एक झाड़ी के सामान उगता है । इसके पौधों पर खिलने वाले फूल आमतौर पर देर गर्मियों में पनपते है ।

गुलाब का पौधा (rose mallow) –  rose mallow  भी Hibiscus flower का हीं एक प्रजाति है जो की उत्तरी अमेरिका का मूल निवासी कहलाता है । यह नम मिट्टी के साथ पूर्ण सूर्य की किरण में सबसे अच्छा पनपता है । आमतौर पर यह घास का मैदान में दिखाई देता है और यह फूल रंगीन होने के साथ तितलियों को भी अपनी ओर आकर्षित करता हैं ।

उष्णकटिबंधीय हिबिस्कस (tropical hibiscus) – यह प्रजाति हल्के तापमान में लगभग 18 डिग्री Celsius से 23 डिग्री Celsius में पनपता है। यदि आप एक ऐसी जलवायु में रहते हैं जहाँ सर्दियों में अधिक ठंड बढ़ जाती है तो आप इसके पौधे को घर के अंदर भी रख सकते है ।

पौधे की देखभाल (How to take care of Hibiscus Plant)

Hibiscus plant care

यदि इस पौधे की देखभाल अच्छे से की जाये तो यह 10 से 18 वर्ष तक जीवित रह सकते हैं । हिबिस्कस फूल के कई ऐसे प्रजाति भी है जो केवल वसंत और गर्मियों के मौसम में हीं पनपते हैं ।

सर्दियों के मौसम में इस पौधे को ठण्ड से बचने के लिए सूरज की रौशनी में घर के खिड़की पर रखना उचित होता है । पौधों को पानी देने से पहले बेहतर होगा की पहले इसके मिट्टी जब स्पर्श कर के देख लें की मिट्टी सूखी है या नहीं फिर इसमें उर्वरक और पानी का प्रयोग करे ।

कुछ खास बातें (Interesting Facts of Hibiscus)

  • हिबिस्कस को हिंदी में गुड़हल फूल कहा जाता है | मालवासे जाती का पाए जाने वाला फूलों का एक समूह है। यह पौधा अपने सुंदर फूलों से जाना जाता है।
  • गुड़हल का वनस्पतिक नाम – हीबीस्कूस् रोज़ा साइनेन्सिस। इस प्रजाति के अन्य सदस्यों में कोको, कपास, भिंडी और गोरक्षी आदि प्रमुख हैं।
  • गुड़हल फूल की व्यापक रूप से सजावटी पौधों के रूप में पैदावार की जाती है | लाल हिबिस्कस हिंदू पूजा में उपयोग किया जाता है।
  • गुड़हल के फूल से बनी चाय को दुनिया भर में पिया जाता जिसे कई नामों से जाना जाता है जिसे गर्म और ठंडा दोनों तरह से पिया जाता है।
  • गुड़हल सदाबहार झाड़ीनुमा या छोटे पेड़ जिसकी लगभग ऊंचाई में 2 से 6 फीट तक होती है |
  • हिबिस्कस फ्लावर को गुलाब मॉलो भी कहा जाता है, यह पौधा मैलोव परिवार का है। हिबिस्कस की 210 से अधिक प्रकार जातियां पूरे विश्व में गर्म और उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों होती है |
  • इसका उपयोग आहार के रूप में भी किया जाता है | सूप, चटनी, सलाद, करी, जेली और जाम की बनाने के लिए भी किया जाता है तथा विभिन्न प्रकार बीमारी में इलाज के रूप में और प्राकृतिक रंजक के स्रोत हेतु इस्तेमाल किया जाता है |
  • हिबिस्कस फूल गंध रहित बड़े तुरही के आकार में विकसित होती है। फूल में पाँच या अधिक पंखुड़ियाँ हो सकती है जोकि सफेद, बैंगनी, गुलाबी, लाल , पीले, नारंगी, या नीले रंग की हो सकती हैं।
  • इसमें महिला (पिस्टिल) और पुरुष (स्टैमेन) दोनों प्रजनन अंग मोजूद होते हैं। इसका स्वाद साइट्रस जैसा होता है।
  • भारत में भी काफी मात्रा में पाया जाता जाता मुख्यता विश्व में चीन और थाईलैंड में हिबिस्कस फ्लावर की पैदावार सबसे अधिक होती है |
  • हिबिस्कस फूल वार्षिक जीवन चक्र पूरा करने वाला पौधा या बारहमासी जीवित रहता है |
  • हिबिस्कस फूल प्राकृतिक चमकीले रंग का समृद्ध स्रोत हैं

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