गुलमोहर का पेड़ और फूल | Gulmohar Tree Information in Hindi

By | September 4, 2019

गुलमोहर भारत में पाए जाने वाला एक पेड़ है जिसके फूल दिखने में बहुत ही सुन्दर होते हैं | इसके फूल जब पूरे पेड़ में लदे होते हैं, तब पेड़ पूरी तरह से चमक उठता है | इसके पेड़ को जंगल की रौशनी के रूप में भी जाना जाता है | यह गुलमोहर का पेड़ दुनिया भर के रंगीन पेड़ों में से एक है | इसके अलावे इस पेड़ के ऐसे बहुत सारे गुण हैं जो हमारे इस लेख में दिए गए हैं, इसके बारे में पूरा जानने के लिए यहाँ पढ़ें |

Royal poinciana or Gulmohar Tree

English Name: Flamboyant / Royal poinciana

Scientific name: Delonix regia

Family: Fabaceae

Meaning of Gulmohar = एक प्रकार का चमकदार पेड़ जो की  मार्च से जून महीने तक नारंगी और पीले फूलों से भरा रहता है  |

इस पेड़ को और भी अन्य कई नामों से जाना जाता है जैसे:-

  • तेजतर्रार
  • सोना मोहर
  • शाही नुकीला

इसके अलावे इसे संस्कृत में राज-आभरण के नाम से जाना जाता है, जिसका मतलब होता है एक ऐसा पेड़ जो की राजाओं जैसे आभूषणों से सजा हुआ होता है

गुलमोहर की जानकारी / Information

गुलमोहर का पेड़ बहुत ही खूबसूरत तथा एक सदाबहार पेड़ होता है, जिसके वजह से यह गुलमोहर अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है | इसकी शाखाएं चौड़ी होती है और इसकी छाया चारो और फैलती है | यह अपने चटक रंगों के चलते आसानी से जंगलों में भी आसानी से नजर आ जाता है | English में इसे शाही Poinsiana और Flamboyant के नाम से भी जाना जाता है | इस पेड़ की लकड़ियाँ तो ज्यादा मजबूत नहीं होती हैं परन्तु इसके जड़ काफी मजबूत होते हैं, जिससे यह सही बड़ी आंधी या तूफान में भी टिका रहता है |

अप्रैल से जून महीने में गुलमोहर के पेड़ पर लगे फूल पर मधुमक्खियाँ काफी आसानी से देखि जा सकती हैं |

कहाँ पाए जाते हैं / Where it is Found?

यह गुलमोहर का पेड़ आम तौर पर मेडागास्क का निवासी है | इस पेड़ को भारत में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है | यह कई हजारों सालों से हमारे देश में पाया जाता है | इसे “कृष्ण चूड” के नाम से भी जाना जाता है और श्री कृष्णा के मुकुट पर लगाया जाता है | इसके अलावे यह यूरोप, श्रीलंका, ब्राज़ील आदि देशो में पाया जाता है |

गुलमोहर का जीवनकाल / Tree Lifespan

आम तौर पर यह गुलमोहर बहुत ही तेजी से बढ़ने वाला पेड़ है, जो की पौधे से पेड़ बनने में ज्यादा समय नहीं लगाता है | यह हर साल लगभग 5 से 7 फीट की ऊँचाई तक बढ़ सकता है, जो आगे आने वाले दस सालों में लगभग 40 से 50 फीट तक बढ़ सकता है source | इस गुलमोहर के पेड़ की औसत आयु लगभग 40 से 50 वर्ष होती है, परन्तु अगर इसकी देखभाल अच्छे से की गयी तो यह 50 से 60 साल तक जीवित रह सकता है |

जब गुलमोहर का पेड़ 5 साल का हो जाता है तब जा कर इसपर फूल खिलना शुरू हो जाते हैं |

हमारे देश में और भी कई ऐसे पेड़ पाए जाते हैं जैसे पीपल का पेड़, सहजन का पेड़, आदि जिसके कई फायदे हैं |

गुलमोहर वृक्ष के पत्ते / Leaf

आम तौर पर गुलमोहर पेड़ की पत्तियां छोटी-छोटी होती हैं | इसकी पत्तियां इमली के पत्तियों की तरह नजर आती हैं, जो एक प्रकार से पंखदार जैसे दिखते हैं | यह चमकदार हरे रंग के होते है, जो दिखने में आकर्षित लगते हैं |

गुलमोहर वृक्ष के फूल / Flower

Royal poinciana gulmohar flower

आम तौर पर तो इस गुलमोहर के पेड़ में मई माह की शुरुआत से लेकर जून माह के अंतिम तक खिल सकते हैं, परन्तु कभी कभी तो यह जुलाई माह तक भी खिलते ही रहते हैं | यह हल्के पीले तथा नारंगी रंग में ज्यादा नजर आते हैं, जो दिखने में सुंदर लगता है | जब यह फूल पूरी तरह से खिल जाते हैं, तब पूरे वातावरण में एक एक अलग सी ख़ूबसूरती दिखाई देती है |

गुलमोहर वृक्ष के फल / Fruit

यह गुलमोहर का फूल जो लगभग 30-70 सेंटीमीटर होता है | यह एक प्रकार से चपटे आकार में हल्का चौड़ा होता है | यह शुरुआत में तो हरे रंग का होता है परन्तु जब यह पकता है, तब धीरे-धीरे अपने रंग को भूरे रंग में बदलने लगता है |

वृक्ष के बीज / Seeds

आम तौर पर तो इसके बीज बहुत ही छोटे होते हैं परन्तु बहुत ही कठोर होते हैं, जो वजन में लगभग 0.4 gm के होते होंगे | यह दिखने में भूरे रंग का होता है, जो हल्का लंबा होता है |

गुलमोहर फायदे एवं उपयोग / Uses and Benefits in Hindi

  • इसमें एक प्रकार का Anti bactariyal गुण पाए जाते हैं, जो हमारी त्वचा में होने वाले समस्या को दूर करने में काफी मदद करता है |
  • इस गुलमोहर को कब्ज रोग के उपचार में उपयोग किया जाता है |
  • किसी भी प्रकार की सूजन आ जाने पर इसका उपयोग कर उसे भी ठीक किया जा सकता है |
  • गठिया के इलाज के लिए भी गुलमोहर को उपयोग में लाया जा सकता है |
  • इस गुलमोहर को व्यापक रूप से अपने फैलाव के लिए सडकों में छाव करने के लिए सड़क पेड़ के रूप में लगाया जाता है |

खूबियाँ / Features

Gulmohar ka ped

  • गुलमोहर एक प्रकार का सदाबहार पेड़ होता है |
  • इसके फूल दिखने में एकदम जलते आग की तरह दिखते हैं, जो दिखने में बहुत ही खूबूसरत लगता है |
  • इसके बड़े होने के बाद यह फैलता है, जिससे काफी छाव मिलती है |
  • इस गुलमोहर की पत्तियां भी दिखने में अच्छी लगती है |
  • अन्य पेड़ों की तुलना में गुलमोहर के पेड़ों की लकड़ी कमजोर होती है |
  • यह पेड़ ज्यादातर उनके छाया देने वाले गुणों के लिए और एक सजावटी पेड़ के रूप में लगाया जाता है |

गुलमोहर के देखभाल कैसे करे  / How to Take Care

वैसे तो पहले इस गुलमोहर के पेड़ को बहुत ही कम मात्रा में उगाया जाता था परन्तु आजकल इसे सड़को के किनारे काफी मात्रा में उगाया जाता है, ताकि सड़को में ख़ूबसूरती के साथ-साथ छाव भी बरक़रार रहे |

यह मुख्यतः घने जंगलों और नरम वातावरण में अपने आप ही होने वाले पेड़ हैं | अगर इस पेड़ को कही और लगाया जाए तो इसके बीजों से लगाया जा सकता है, जिसे लगाने के बाद इसकी पौधों को अच्छे से देख भाल करना पड़ता है | गुलमोहर को लगाने के बाद जब यह छोटा हो तब ही इसमें पानी की आवश्यकता पड़ती है अन्यथा इसके लग जाने के बाद कम पानी देने से भी यह बढ़ते रहता है | इसके लग जाने तक इसके जड़ में मिट्टी की कमी न होने दे | फिर देखे कमाल हर साल यह वृक्ष थोड़ी-थोड़ी बढती रहेगी और फिर इसकी मोटाई भी धीरे-धीरे बढती रहेगी | फिर उसके बाद बड़े से बड़े आंधी के आने से यह पेड़ कुछ नहीं होगा |

इसकी टहनियां लम्बी होने पर कमजोर हो सकती हैं और आंधी आने पर टूट भी सकती है | अतः बिच-बिच में इसकी कटाई-छटाई करनी चाहिए ताकि टहनियां ज्यादा लम्बी नहीं हो और आंधी आने पर भी पेड़ को किसी तरह को नुक्सान नहीं हो |

इस पेड़ को अच्छी तरह से तैयार होने में लगभग 5 से 6 वर्ष तो लग ही जाते हैं | परन्तु इसमें फूल दो तरीको से आते हैं | अगर पेड़ किसी पेड़ के कटने से बढ़ी हो तो उसमे फूल आने में सिर्फ 5 साल लगते हैं, परन्तु अगर पेड़ को बीज बोकर लगाया गया हो तो, उसमे फूल उगने में लगभग 8 से 10 साल लग जाते हैं |

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