Drumstick Tree Info in Hindi – सहजन का पेड़ की जानकारी

By | April 18, 2019

Drumstick tree  यानि की सहजन के पेड़ को एक बहुत हीं उपयोगी पेड़ माना गया है । इस पेड़ का वानस्पतिक नाम Moringa Oleifera है। अलग अलग स्थानों पर इसे अलग अलग नामो से जाना जाता है जैस की सहजना, सुजना, सेंजन और मुनगा ये सब drumstick का हीं अलग अलग नाम है । इस पेड़ की खेती पहली बार 2000 ईसा पूर्व में की गई थी। ड्रमस्टिक प्लांट भारत, अरब और अफ्रीका के कुछ हिस्सों का मूल है, हालांकि ज्यादातर इसे पाकिस्तान और भारत में हीं उगाया जाता है। इस पेड़ की फली को सब्जियों के रूप में इस्तेमाल किया जाता है और इसकी पत्तियों को  पारंपरिक रूप से हर्बल औषधि के लिए इस्तेमाल किया जाता है ।

इस पेड़ के अलग अलग भागो में अनेक तरह के पोषक तत्व पाये गये हैं इसलिये इसके विभिन्न भागों का विविध प्रकार से use किया जाता है। सहजन के पेड़ का लगभग सभी parts को जैसे की इसकी पत्ती, फूल, फल, बीज, डाली, छाल, जड़ें, बीज से प्राप्त किये गए तेल को खाने के उपयोग में लाया जाता है । यही नहीं विश्व के कुछ भागों में इस पेड़ के नयी फलियाँ को खाने की परम्परा भी है ।  कई देशो में तो इसकी छाल, रस, पत्तियों, बीजों, तेल, और फूलों का उपयोग दवाएँ बनाने में भी किया जाता है।

सहजन की जानकारी – Introduction

Drumstick tree लगभग १०-१२ मीटर यानि की ३२-४० फीट की ऊँचाई तक लम्बा होता है। इसके छाल में एक सफेद-ग्रे रंग होता है और यह मोटे काग से घिरा होता है। पेड़ में ढलान, नाजुक शाखाओं का एक खुला मुकुट होता है और पत्तियां ट्रिपेरिनेट पत्तियों के एक पंखदार पत्ते का निर्माण करती हैं। चूँकि यह पेड़ काफी लम्बी होती है इसलिए इसे डेढ़ से दो meter की उंचाई से हर साल काट दिया जाता है ताकि इसके फल , फूल और पत्तो को आसानी से तोड़ा जा सके।

सहजन के लिए उचित तापमान – Temperature 

Drumstick tree farm

Drumstick tree एक तेजी से बढ़ने वाला और सूखा प्रतिरोधी पेड़ है, जो की दक्षिण एशिया के उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों का मूल है। इस पेड़ के लिए 25 डिग्री से लेकर 35 डिग्री तक का temperature को सही माना गया है। अधिक से अधिक यह पेड़ 48 डिग्री तक का temperature बर्दास्त कर सकता है ।

सहजन का फूल – Flower

इस पेड़ का फूल लगभग 1.0-1.5 cm लम्बा और 2.0 cm चौड़ा होता है । यह फूलों के झुरमुटों को फैलाने या गिराने वाले पतले बालों वाले डंठलों पर उगते हैं जिनकी लंबाई 10-25 cm होती है। रोपण के बाद पहले छह महीनों के भीतर फूल आना शुरू हो जाता है । लगातार मौसमी तापमानों में और निरंतर वर्षा के साथ यह वर्ष में दो बार या फिर पूरे वर्ष फूल दे सकता हैं । इसके फूलों को पकाकर सब्जी के रूप माँ खाया जाता है जिसका taste कुछ कुछ मशरूम की तरह लगता है।

सहजन की सब्जी – Fruit

Drumstick fruit

ड्रमस्टिक ट्री यानि की मोरिंगा के पेड़ की फली लंबी, चिकनी चमड़ी वाली, गहरे हरे रंग की होती है। इस फली की लंबाई लगभग 6 से 18 इंच तक की हो सकती है । पकने के बाद यह नरम हो जाती है। फली के भीतर एक मांसल गूदा और मटर के आकार का बीज होता है । यह फली कुछ मीठा स्वाद के साथ कड़वा भी लगता है । ड्रमस्टिक की फली गरम, उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में साल भर उपलब्ध होती हैं। ड्रमस्टिक की फली आयरन, विटामिन सी, बीटा-कैरोटीन, कॉपर और आयोडीन जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होती है।

पत्तियां – Leaves

Sahjan - Drumstick leaves

इस पेड़ पर लगने वाले पत्ते बहुत हीं छोटे छोटे लगभग 1 से 2 cm लम्बी और 3 से 5 cm चौड़ी होती है ।इस पेड़ की पत्तियों को सब्जी बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता बनती है। इसके पत्तो का उपयोग कभी-कभी जड़ी-बूटियों में भी प्रयोग होता है ।

सहजन की कुछ खास बातें – Drumstick Facts 

  • सहजन का पेड़ जिसे अंग्रेजी में ड्रमस्टिक, मोरिंगा और मुनगा भी कहा जाता है यह मुख्यता भारतीय महाद्वीप में पाया जाता हलाकि अन्य देशो में भी उगाया जाता है |
  • सहजन का पेड़ के उचाई लगभग 10 से 12 मीटर और तना की मोटाई 45 से 50 सेमी तक होती है, इसके फल हरे रंग की लगभग 46 सेमी तक लम्बी हो सकती है | इसके फल-फूल-पत्तियों इतनी उपयोगी होती है के लोग इसे प्रत्येक वर्ष 3-4 मीटर में के काट देते है ताकि उनकी पहुच बनी रहे |
  • शीत ऋतू के समाप्ति के बाद इसकी बुवाई के जाती है हलाकि यह एक गर्म मौसम का पौधा है, इसके फूल सफ़ेद और हलके पीले रंग के होते है | सहजन का पेड़ कम पानी में भी आसानी से विकसित हो जाने वाला पेड़ है |
  • इसके फूलों, पतियों और फल (ड्रमस्टिक) को पकाकर खाया जायता है खाने में बहुत स्वादिष्ट होता है |
  • आयुर्वेद में 300 रोगों का उपचार बताया गया है जिनमे कुछ इस प्रकार है पेट की बीमारियों, न्यूरोजेनरेटिव बीमारियों, मधुमेह, अस्थमा, गठिया, मिर्गी, थायरॉयड विकार, एनीमिया, बैक्टीरियल फंगल, वायरल, और परजीवी संक्रमण आदि |
  • सहजन में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व व विटामिन है तथा इसमें दूध की तुलना में 4 गुना कैलशियम और दुगना प्रोटीन पाई जाती है |

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