Daffodil Flower in Hindi – पौधे और फूल की जानकारी

By | July 5, 2019

Daffodil एक प्रकार का फूल है जो की “नॉरशिसस”  वंश के अंतर्गत आता  है। जानिए Hindi में इस Daffodil flower के बारे में, जो की एक ऐसा फूल है जो की बारहमासी होता है और दक्षिण फ्लोरिडा जैसे सबसे गर्म क्षेत्रों को छोड़कर, उत्तरी अमेरिका के अधिकांश क्षेत्रों में बढ़ता है। आइये अब इस फूल के बारे में और भी अहम् चीजे जानते है ।

Daffodil Flower or Nargis ka phool ki jankari Hindi

Daffodil Flower in Hindi = नर्गिस का फूल

इस खुबसूरत फूल को Hindi में नर्गिस का फूल कहा जाता है, जो की अक्सर सफ़ेद और पीले रंग में पाया जाता है |

Daffodil Flower की जानकारी Hindi में

यह फूल पीले रंग के अलावा अनेक रंगों का होता है। आमतौर पर डैफोडिल्स पीले रंग के होते हैं और इसके अलावा ये पीले व सफेद, पीले व नारंगी, सफेद व नारंगी, के भी पाए जाते है । पारंपरिक डैफोडिल फूल एक चमकदार पीले या सफेद रंग का होता है, जिसमें छह पंखुड़ियां होने के साथ वे तुरही (trumpet) आकार के होते है । इसकी पत्तियाँ लंबी और पतली होती हैं।

Daffodil का पौधा (Plant)

Daffodil plant and flower

डैफोडील्स अक्सर बड़े समूहों में विकसित होते हैं, और ये पुरे लॉन को कवर करते हैं । डैफोडिल जो 6 से 8 इंच लंबा होता है । पत्ती रहित तने 1 और 20 फूलों के बीच होते हैं । यह अक्सर गुच्छों में खिलते हैं। इसके 2 इंच के तने पर आधे इंच से लेकर 5 इंच तक के फूल खिलते है ।

नर्गिस के पौधे के लिए अनुकूल मौसम

डैफ़ोडिल के पौधे को शरद ऋतु में लगाया जाता है और ये रोपण के बाद देर से सर्दियों या शुरुआती वसंत में खिलता है ।

Varieties of Daffodil Flower / प्रजातियाँ :-

डैफ़ोडिल के 13 विभिन्न प्रकार हैं जो की फूल के रूप पर आधारित हैं।

  • Trumpet- यह एक तना पर एक हीं फूल खिलता है ।
  • Large-cupped – इसकी पंखुड़ियों की लंबाई 1/3 से अधिक होती है ।
  • Small-cupped इसकी पंखुड़ियों की लंबाई 1/3 से अधिक नहीं होती है ।
  • Double- हर ताने पर यह फूल एक से अधिक खिलते है ।
  • Triandrus –इस प्रजाति के फूल में एक लटकी हुई घंटी की आकृति होती है, आमतौर पर प्रति तने में दो या दो से अधिक फूल लगते हैं।
  • इसके अलावा Cyclamineus, Jonquilla, Tazetta, Poeticus, Bulbocodium, Split-cupped, Miscellaneous, भी daffodil flower की हीं प्रजातियाँ है ।

नर्गिस के पौधे का रोपण व देखभाल / How to take care of Daffodil Flower in Hindi

  • डैफ़ोडिल को उगाने के लिए थोड़ी अम्लीय मिट्टी के साथ एक अच्छी तरह से सूखा, धूप वाली जगह को चुनें।
  • अब मिट्टी में पौधे के बल्ब को अधिक गहरे कर के रोपे । बल्बों को रोपने से पहले अच्छी तरह से धो लें और उन्हें पूरी तरह से सूखने दें ।
  • बल्ब यानि की बीज को रोपते समय दो बीजो की दूरी कम से कम 3 से 6 इंच होनी चाहिए।
  • पौधा रोपण के बाद मिट्टी में उच्च-नाइट्रोजन उर्वरकों का उपयोग करने से बचे ।
  • डैफोडिल्स के पौधे को बढ़ते समय बहुत सारे पानी की आवश्यकता होती है।
  • फूलों के मुरझाने के 3 से 4 सप्ताह बाद पानी देना बंद कर दें।
  • फूल खिलने के बाद इसके पत्ते को कभी भी नहीं काटें जब तक कि यह पीले रंग की न हो जाए ।
  • डैफोडिल बल्बों के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि आप उन्हें बहुत सारे कार्बनिक पदार्थों के साथ अच्छी तरह से सूखा मिट्टी प्रदान करें।

यदि कंटेनर जड़ों को भरने के लिए पर्याप्त गहरा हो तो डैफोडील्स को कंटेनर में भी कई सालो तक अच्छी तरह से विकसित किया जा सकता हैं।

अगर आपके पास भी और कोई Daffodil Flower से जुडी जानकारी हो तो यहाँ जरुर साँझा करे |

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