Carnation Flower Information in Hindi – कार्नेशन का फूल

By | September 15, 2019

Carnation Flower एक चमकदार रंगों वाला फूल होता है जिसे बगीचे में लगाया जाता है | जानिए Carnation से जुडी information Hindi में  | क्या आप भी अपने बागवान में तरह-तरह के रंगबिरंगे खुबसूरत फूल लगाने की सोच रहे है ? यदि हाँ तो आज हम जिस फूल के बारे में आपको बताने जा रहे है एक बार आप उसे जरुर से try करे । जी हाँ दोस्तों हम बात कर रहे है Carnation flower की जिसे लगाने के बाद बाद आपका बगीचा रंग बिरंगे फूलो से और भी खुबसूरत दिखने लगेगा । तो जानिए Carnation flower से जूरी कुछ ख़ास बाते in Hindi जिसे शायद आप नहीं जानते होंगे |

Carnation flower information in Hindi

कारनेशन की जानकारी – Brief Information about Carnation Flower

Carnation flower को आमतौर पर उनके वैज्ञानिक नाम, “Dianthus” से भी जाना जाता है, जो greek वनस्पतिशास्त्री Theopharastus द्वारा दिया गया नाम है । इस फूल को दो Greek Words से नाम पड़ा – पहला “dios” जिसका मतलब “भगवान ज़ीउस” है , और दूसरा “anthos” जिसका मतलब “फूल” होता है । दोनों शब्दों को मिला कर इस फूल का मतलब “भगवान का फूल” होता है । Carnation flower Eurasia का मूल निवासी हैं। कटने के बाद भी इस फूल का पौधा  लंबे समय तक जीवित रहता है।

व्यापारिक रूप से इसकी खेती विदेश में यूरोप,  दक्षिण अफ्रीका, कोलम्बिया, टर्की, , नीदरलैंड, इजराइल, आदि कई जगहों पर की जाती है , और भारत देश में आमतौर पर इस फूल की खेती महाराष्ट्र , हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ पर्वतीय इलाको में की जाती है।

Carnation flower कई प्रकार के होते है जिनमे से तीन सबसे आम Carnation है:

  • Annual carnations,
  • Border carnations और
  • Perpetual-flowering carnations.

इतिहास / History of Carnation Flower

Dark Pink color Carnation flower

कार्नेशन का इतिहास प्राचीन ग्रीक और रोमन काल के समय का है, जब इसका उपयोग कला और डी कोर में किया गया था। एक ईसाई किंवदंती के अनुसार, कार्नेश पहली बार धरती पर तब आया था जब lord “यीशु” ने क्रॉस को पार किया था। अपने बेटे की दुर्दशा पर रोते हुए “मैरी” के आँसू जिस जगह पर गिरे वहां से Carnation flower  उभर आया । इसके अलावा Miss. Anna Jarvis ने सबसे पहले मदर्स डे के उत्सव पर Carnation के फूल का इस्तेमाल किया था, क्योंकि ये फूल उनकी माँ का पसंदीदा फूल था।

Carnation फूलो के रंग / Color

शुरुआती समय में इस फूल के मुख्य रूप से केवल “हल्के गुलाबी” और peach color हीं पाए जाते थे, लेकिन अब इस फूल के लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण यही बन गया है की ये कई रंगों में आते हैं और इसके प्रत्येक रंग का एक अलग अर्थ होता है। जिसमे से कुछ रोंगों के फूलो का अर्थ हम आपको बताने जा रहे है:

  • General Carnation का मतलब “women love” होता है ।
  • गुलाबी रंग के कार्नेशन्स “मदर्स लव” को दर्शाता है ।
  • हल्का लाल रंग का carnation “प्रशंसा” का प्रतीक है ।
  • डार्क लाल रंग के कार्नेशन्स का मतलब “डीप लव” और एक “महिला का स्नेह” होता है ।
  • White कार्नेशन्स का मतलब pure love और good luck ।
  • Green Carnations “ Patrick’s Day” के लिए है ।
  • बैंगनी कार्नेशन्स काबिलियत का Symbol है ।

इस तरह के रंगों से भरे हुई और भी फूल हैं जैसे की Aster Flower या Balsam Plant and Flower इत्यादि |

फूल के प्रकार / Varieties

Varieties of Carnation flower care

कार्नेशन की मुख्य रूप से तीन प्रकार की होती है:

  • बड़े (Standard) फूल वाले कार्नेशन्स – इसके हर एक तने पर एक बड़ा फूल खिलता है । ये 3 फीट की ऊंचाई तक बढ़ते हैं ।
  • स्प्रे कार्नेशन्स (मिनी कार्नेशन्स) – ये एक साथ गुछो में छोटे छोटे खिलते है ।
  • बौना फूलों के कार्नेशन्स – इसके एक तने पर कई छोटे फूल खिलते है । ये केवल 10 से 12 इंच लंबी होती हैं ।

फूल / Flower

यूँ तो कार्नेशन्स फूल की कई सारी प्रजातियाँ होती है लेकिन इसके एक प्रजाति जिसका नाम  Dianthus caryophyllus है इसकी 5 पंखुड़ियां होती हैं और यह सफेद से गुलाबी और गुलाबी से  बैंगनी रंग में बदलता रहता हैं। इस तरह की और भी कई फूलें हैं, आप flower list की जानकारी यहाँ से प्राप्त कर सकते हैं |

पौधा और  पत्ते / Plant and Leaf

जब carnation के फूल को बगीचों में उगाया जाता है, तो यह लगभग 6 से 8.5 सेंटीमीटर व्यास के बीच में बढ़ता हैं। इस फूल की पत्तियां संकीर्ण और डंठल बहुत हीं कम होती हैं और उनका रंग हरे से भूरे-नीले या बैंगनी रंग में भिन्न होता है।

पौधे के लिए उचित तापमान तापमान / Climate

इस फूल की खेती के लिए ठंड वातावरण के साथ खुली धूप की आवश्यकता होती है। पौधे के विकास के लिए कम से कम तापमान 5 से 10 degree celcius चाहिए होता है वहीँ maximum temperature 30 से 35 degree celcius से अधिक नहीं होना चाहिए । यदि इसके पौधे को अधिक तापमान में उगाया गया तो इसके फूल और डंडी दोनों हीं छोटे उगते है। अधिक नमी भी इसके लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है इससे पौधों पर फफूंदी लगने का खतरा रहता है । 

कार्नेशन को कैसे लगाये – How to Plant Carnation

Carnation flower care

कार्नेशन फूल के पौधे को उगाने के लिए बलुई दोमद मिट्टी को सबसे उचित कहा गया है । रोपण से पहले मिट्टी की अच्छे से जुताई कर के उसमे खाद का मिश्रण कर लेना चाहिए । मिट्टी जब अच्छे से तैयार हो जाये तब इसमें बीज या पौधे का रोपण करना चाहिए । ध्यान रहे की दो पौधे के बीच में थोड़ा  distance होना चाहिए ताकि उसे फैलने में आसानी हो । इस पौधे की जड़े को लगभग 2cm की गहराई में रोपा जाता है।  जबतक की पौधा पूरी तरह से स्थापित न हो जाये इसकी हल्की सिचाई करती रहनी चाहिए। सिचाई के समय इस बात का भी ध्यान रखे की यदि मिट्टी में ज्यादा नमी रहेगी तो पौधे की जड़े सड़ सकती है । इसलिए बरसात और ठण्ड के मौसम में सिचाई कम कर देना चाहिए ।

जैसा की हम सब जानते है बिना खाद के किसी भी पौधे को बढ़ना मुश्किल है इसलिए इस पौधे को भी रोपण के लगभग 3 weeks के बाद इसमें फास्फोरस व पोटाश घुलनशील उर्वरक का इस्तेमाल करे । इसके अतिरिक्त पोटेशियम, नाइट्रेट, मैग्नीशियम, कैल्शियम नाइट्रेट, मैग्नीज, कॉपर का भी खाद के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है ।

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