अशोक का पेड़ | Ashok Tree Information in Hind

By | January 7, 2022

अशोक भारत में पाया जाने वाला एक पेड़ है, जिसे अशोका पेड़ के नाम से भी जाना जाता है | यह भारत, नेपाल तथा श्रीलंका जैसे देशों में एक पवित्र पेड़ के रूप में माना जाता है | इस अशोक के पेड़ में कई प्रकार के औषधीय गुण भी पाए जाते हैं, जिसका उपयोग कई प्रकार के रोगों को ठीक करने के लिए किया जाता है | तो आइये जानते हैं, की इस अशोक के पेड़ के बारे में की यह किस प्रकार का होता है तथा इसके गुण किस प्रकार के होते हैं तथा इसकी खेती कैसे की जाती है |

English Name:- Saraca Asoca
Hindi Name: Ashoka Tree / अशोक का पेड़
Scientific Name:-
Saraca indica
Sanskrit Name:-
Hempushpa, Tamrapallav
Family:-
Fabaceae

Ashoka tree

अशोक पेड़ का अन्य नाम / Other Name

इस अशोक के पेड को अन्य कई नामा से भी जाना जाता है, जो निम्नलिखित प्रकार से दिए गए हैं |

  • अस्पाल
  • अशोक
  • आसोपालव
  • अशोका
  • हेमपुष्प

वैसे अशोक का मतलब यानि meaning होता है बिना शोक के या जो दुखी ना होता हो | अतः अशोक का पेड़ का अर्थ हुआ बिना शोक वाला पेड़ | चलिए इसे अब विस्तारपूर्वक जानते हैं |

अशोक के पेड़ का परिचय / Introduction of Ashoka Tree

यह अशोक का पेड़ एक सदाबहार पेड़ है, जो दिखने में खूबसूरत भी होता है | इस पेड़ को एक प्रकार के सजावटी पेड़ के रूप में भी देखा जाता है | यह भारतीय उपमहाद्वीप के दक्कन के पठार और पश्चिमी घाटों में पाया जाता है | इस अशोक पेड़ को भारतीय परंपराओं में बहुत ही शुभ माना जाता है | उनका ऐसा मानना है, की इस अशोक शब्द का अर्थ “किसी भी तरह का शोक न होना” होता है |

Full grown Ashoka tree

इस अशोक के पेड़ की औशत ऊँचाई लगभग 28 से 30 फुट होती है, जो सदैव अपनी पत्तियों से पूर्ण रूप से ढका हुआ होता है | इस अशोक पेड़ की पत्तियां लगभग 13 से 14 सेंटीमीटर होती हैं, जो गहरे हरे रंग में घने गुच्छों वाले होते हैं | ये पत्ते आयातकर आकार में होते हैं | इसकी पत्तियों का उपयोग हिन्दू धर्म के धार्मिक तथा मांगलिक कार्यों को शुद्ध करने के लिए किया जाता है | इस पेड़ में मार्च माह के लगभग में नारंगी रंग के फूल आने लगते हैं, जो बढ़ने के साथ धीरे धीरे लाल रंग में परिवर्तित हो जाते हैं |

जीवनकाल / Lifespan of Ashoka Tree

इस अशोक पौधे में छह से आठ वर्ष की उम्र में फूल बनते है तथा जुलाई से अक्टूबर के दौरान फल निकलते हैं | यह अशोक का पेड़ आम तौर पर 40 से 50 वर्षों तक जीवित रह सकता है, परन्तु अगर इसकी देख-भाल ठीक प्रकार से की जाए तो यह लगभग 50 से 60 वर्षों तक जीवित रह सकता है |

अशोक में फूल आने से शुरुआती वृद्धि अवस्था में होती है। यह पौधा छह से आठ साल की उम्र में फूल बनाता है और जुलाई से अक्टूबर के दौरान फल देता है।

अशोक पेड़ के प्रकार / Types of Ashoka Tree

यह अशोक का पेड़ आम तौर पर दो प्रकार का होता है, जिनके आकार अलग अलग होते हैं |

  • यह अशोक का पेड़ आम तौर पर ढेर सारे पत्तियों वाला होता है, जो एक प्रकार से छायादार भी होता है | इसकी पत्तियां के आकार लंबाई में लगभग 7 से 9 इंच तथा चौडाई में लगभग 1 से 2 ½ इंच होते हैं, जो शुरू में हल्के तांबे रंग के होते हैं, जिसके कारण इसे ‘ताम्रपल्लव’ पेड़ के नाम से भी जाना जाता है |
  • इस अशोक के पेड़ देवदार जाती के होते हैं, जिसके पत्तियां आम के पत्तियों की तरह होती हैं | इस पेड़ के फूल दिखने मे पीले तथा सफ़ेद रंग के होते हैं तथा फल लाल रंग के होते हैं | इस पेड़ के किसी भी अंग का उपयोग दवाइयां बनाने में उपयोग नहीं किया जाता है |

उपयोग एवं फायदे / Uses and Benefits

इस अशोक पेड़ के पौधे का उपयोग जिस प्रकार से किया जाता है तथा इससे होने वाले फायदे निन्लिखित प्रकार से दिए गए हैं |

  • इस अशोक पेड़ के छाल को उबाल्कर उसका उपयोग करने से त्वचा में होने वाले मुंहासे के रोग को दूर किया जाता है |
  • अगर इस अशोक के पेड़ का उपयोग बागानों तथा मैदानों को सजाने के लिए एक सजावटी पेड़ के रूप में भी किया जाता है |
  • अशोक के पेड़ की छाल और ब्राह्मी पाउडर को के मिश्रण को दुश के साथ मिलाकर रोजाना 2 बार लेने से इंसान का दिमाग बढ़ता है |
  • दस्त जैसी समस्या को रोकने के लिए इसके फूल का उपयोग किया जा सकता है |
  • जोड़ो में होने वाली दर्द की समस्या से राहत पाने के लिये इसके छाल को पीसकर लगाया जा सकता है |
  • इस पेड़ की छाल से बनाए गए काढ़ा का उपयोग आंतरिक बवासीर का इलाज करने के लिए काफी फायदेमंद है |
  • मधुमेह जैसे रोग को कम करने के लिए अशोक के फूल का रोजाना सेवन करने से उसे भी कम किया जा सकता है |
  • अशोक के फलों का सेवन रोजाना करने से मनुष्य के मधुमेह को कम कर सकते हैं |
  • दमा रोग के इलाज के लिए अशोक के बीज को पीसकर उसका सेवन करने से ठीक कर सकते हैं |
  • इस अशोक के पेड़ का फूल को पीसकर पानी के साथ सेवन करने से मनुष्य के मल से आने वाली खून को रोकने के लिए उपयोग में लाया जा सकता है |

अशोक पेड़ के गुण एवं विशेषताएँ / Features of Ashoka Tree

  • इस अशोक पेड़ को एक सजावटी पेड़ के रूप में लगाया जाता है |
  • इसमें कई प्रकार के औषधिक गुण पाए जाते हैं, जिनसे अनेक प्रकार के दवाओं का निर्माण किया जा सकता है |
  • ऐसा माना जाता है, की इसे अपने घर के आस-पास लगाने से घर में सदैव सुख, शांति एवं समृद्धि बनी रहती है |
  • इस अशोक पेड़ के फूल भारी, रसीले गुच्छों में आते हैं, जो दिखने में खूबसूरत होते हैं |
  • इस अशोक के पेड़ को एक प्रकार से पवित्र पेड़ के रूप में माना जाता है |
  • इस अशोक पेड़ की चर्चा प्राचीन काल के ग्रंथो में भी की गयी है |
  • इसके बारे में ऐसा कहा जाता है, की यह पेड़ जहां भी लगाया जाता है वहाँ अशांति एवं शोक कभी भी नहीं आती है |
  • यह अशोक का पेड़ अपने सुन्दर पत्तियों तथा सुघंधित फूलों के लिए ही सबसे ज्यादा चर्चित है |

अशोक के पेड़ कहाँ लगाये:

आप अशोक के पेड़ अपने घर के आँगन या उसके आस – पास लगा सकते हैं, जिससे आपके घर की खूबसूरती और भी बढ़ जाएगी | इसके साथ अगर आप अशोक पेड़ अपने घर में लगाते हैं, तो इसे अपने घर के उत्तरी दिशा में लगा सकते हैं, जिससे आपके घर में हमेशा सकारात्मक ऊर्जा की संचारण बनी रहेगी | आपको बता दे कि, घर में के सामने अशोक वृक्ष रहने से घर में हमेशा सुख, शांति बनी रहती है तथा आकाल मृत्यु जैसी कोई घटना नहीं होती है |

अशोक के पेड़ कब एवं कैसे लगाये:

दोस्तों इसका पेड़ लगाने के लिए आप इसके छोटे – छोटे पौधे अपने करीबी नर्सरी में जाकर प्राप्त कर सकते हैं एवं उसके बाद इसे अपने आस – पास लगा सकते हैं | अगर आप इसके पेड़ अच्छे से उगाना चाहते हैं, तो इसे आप बरसात के मौसम में लगा सकते हैं क्यूंकि, उस वक्त धरती में नमी होती है एवं पौधे आसानी से उगते हैं |

तो आशा करती हूँ की आपको अशोक के पेड़ से जुडी जानकारी अच्छी लगी होगी, अगर आपके पास और कुछ रोचक जानकारियां हैं तो यहाँ पर आप अपनी राय जरुर दे |

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