अर्जुन वृक्ष की जानकारी – Arjun Tree Health Benefits, Facts

By | July 27, 2019

अर्जुन वृक्ष भारत में पाए जाने वाले सबसे पौराणिक पौधों में से एक है | इस पेड़ में बहुत सारे औषधि के गुण पाए जाते हैं जिससे कई बिमारीयों से छुटकारा पाया जा सकता है और इसलिए इसे औषधीय वृक्ष भी कहा जाता है | यह पेड़ घने जंगलो में पाया जाता है तथा ऐसे बहुत सारे खूबियां है जो आज हम बताने वाले हैं | इस पेड़ के बारे में पूरा जानने के लिए ध्यान से पढ़े |

Arjun Tree Information in Hindi

अर्जुन वृक्ष के अन्य नाम / Other Name of Arujana Tree

  • सदरु
  • कुहू
  • अर्जन
  • अर्जुन मिरोबलन
  • ओरजुन

परिचय / Introduction

अर्जुन वृक्ष एक बड़े आकार वाला पेड़ है, जिसकी ऊंचाई लगभग 60 से 80 फीट होती है | यह एक सदाबहार पेड़ है |

पत्ते

Arjun Lead / पत्ते

इस पेड़ के पत्ते की उपर की सतह हरे रंग का तथा नीचे की सतह भूरा रंग का होता है | तथा इस पेड़ की पत्तियाँ लगभग 7 से 18 सेंटीमीटर लंबे तथा 4 से 6 सेंटीमीटर चौड़े होते हैं | यह थोड़े-थोड़े अमरुद के पत्ते जैसे भी देखने में लगते हैं | इसके पत्ते हलके नुकीले भी होते हैं |

फूल और फल

Arjun Tree Fruit - फल

अर्जुन वृक्ष के फूल आमतौर पर मार्च और जून में आते हैं जो लगभग 15 मिमी लंबे तथा  चमकदार होते हैं इस पेड़ की फूल पीले सफ़ेद तील के जैसे होते हैं |

अर्जुन के पेड़ पर फूल मार्च महीने के आस-पास आने सुरु होते हैं | और इस फूल को फल में बनने में लगभग 4 महीने लग जाते हैं | जुलाई माह के आस पास इस पर छोटे-छोटे फल नजर आते है और इसे तैयार होने में लगभग 3 महीने यानी नवम्बर तक का समय लग जाता है | और इस तरह से अर्जुन वृक्ष के फल को तैयार होता है  |

इस पेड़ की फल चमकदार, बड़े, गोल लंबे होते हैं | अर्जुन वृक्ष का फल भूरे रंग का होता है तथा यह आकर में अंडे जैसा लगता है | यह फल सितंबर और नवंबर के बीच दिखाई देता है | इसका फल बीज रहित होते हैं |

छाल

Full grown Arjuna treeइस पेड़ की छाल लगभग 4 मिलीमीटर मोटी होती है | यह बाहर से सफेद, अन्दर से चिकनी,  मोटी तथा हल्के गुलाबी रंग की होती है | इस वृक्ष की छाल की सबसे बड़ी बात यह है की अगर इसके छाल को पेड़ से उतार लिया जाता है तो यह पर फिर उग आती है, और अगर इस पेड़ की छाल को अगर एक साल में नहीं निकाला जाता है तो यह खुद ही गिर जाती है और धीरे-धीरे नया छाल निकलना शुरू हो जाती है |

बीज

अर्जुन वृक्ष के बीज को फल से निकालकर उसे सूर्य के धुप में सुखाकर 6 से 12 माह तक रख दिया जाता है और फिर यह बीज बुवाई के लिए तैयार हो जाती है | इस बीज की बुवाई से पहले इसे 24 घंटे पानी में भिगोया जाता है ताकि बीज के बुवाई के समय बीज में अंकुर आ जाए |

कहाँ पाए जाते हैं ?

यह पेड़ जंगलो की नदियों तथा नालो के किनारे में काफी मात्रा में पाए जाते हैं | पूरे भारत में विशेष रूप से उप हिमालयी इलाकों और पूर्वी भारत में यह पाए जाते हैं और यह ज्यादातर बिहार तथा मध्य में पाए जाने वाले पेड़ है | इस पेड़ को भारत में बांधवगढ़ नेशनल पार्क, पेंच टाइगर रिजर्व और कान्हा नेशनल पार्क में व्यापक रूप से उगाए जाते हैं |

अर्जुन वृक्ष के गुण और विशेषताए

  • इस अर्जुन वृक्ष में बहुत सारे औषधीय गुण पाए जाते है जो की कई तरह के बिमारियों को दूर करता है |
  • इस पेड़ की पत्तिया लगभग 7 से 20 सेंटीमीटर लम्बी आयातकार होते हैं तथा कही कही नुकीले भी होते है |
  • इसकी पत्तिया बसंत ऋतू में नए आते हैं तथा यह छोटी-छोटी टहनियों पर लगे होते हैं |
  • इस पेड़ की छाल को पीसकर सुखाकर कई तरह के दवाइयां बनायी जाती है |

अर्जुन पेड़ के फायदे एवं उपयोग

मांसपेशियां को मजबूत बनता है – अगर आप अपने शरीर को स्वस्थ और अपने मांसपेशियां को मजबूत बनाना चाहते हैं तो आप अर्जुन के छाल में गुड, और दूध को मिला कर इसका सेवन कीजिये |

गोंद

अर्जुन वृक्ष के तनो से गोंद भी निकला जाता है |

खांसी को ठीक करे

अगर आप बार बार होने वाली खासी से परेशान हैं तो आप अर्जुन के छाल का सेवन करे, इससे पुरने खासी भी खत्म हो जाती है |

बुखार से राहत

यह बुखार से आराम भी देता है | अगर आपको बुखार हो गया हो, तो आप अर्जुन के छाल को एक ग्लास पानी में मिला का काढ़ा बनाये और सेवन करे | ऐसा करने से आपको बुखार से आराम मिलेगा |

इसके अलावे इसके और कई उपयोग हैं जैसे की:

  • इसका इस्तेमाल प्राचीन काल से आयुर्वेद उपचार बनाने में किया जा रहा है |
  • इस पेड़ के पत्तियाँ और फूल को भगवान् विष्णु और भगवान् गणेश के चरणों में कई अवसरों में चढ़ाया जाता है |
  • इसे छाया प्रदान करने के लिए भी लगाया जाता है, विशेष रूप से कॉफ़ी के बागानों में |
  • अर्जुन वृक्ष एक अल्सर, मधुमेह और कैंसर के उपचार के लिए भी उपयोग किया जाता है |

कुछ रोचक जानकारियां / Facts

  • अर्जुन वृक्ष को एक पवित्र वृक्ष माना जाता है |
  • अगर इस पेड़ की छाल अगर उतार ली जाये तो इस पेड़ में फिर से छाल उग जाती है |
  • इस पेड़ के पुष्प को फूल से फल बनने में लगभग 4 महीने लग जाते हैं |
  • पुराने ग्रंथो मे ऐसा माना जाता है की भगवान् कुबेर के दो पुत्रो में से एक अर्जुन है |

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