Aparajita Plant & Flower Information in Hindi

By | March 30, 2020

यह अपराजिता Fabaceae प्रजाति से सम्बंधित एक सदाबहार पौधा है, जो मुख्य रूप से लता के रूप में बढ़ता है | यह पौधा अपने आकर्षक फूलों के साथ बड़े ही खुबसूरत लगते हैं तथा यह इसी के लिए ज्यादा चर्चित भी है | आपको बता दे की, इस पौधे को कई क्षेत्रों में शंखपुष्पी के नाम से तथा अंग्रेजी में इसे Asian pigeonwings, bluebellvine, cordofan pea तथा Darwin pea के नाम से भी जाना जाता है | इस पौधे की पूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिए आप हमारे इस लेख को पूरी ध्यान पूर्वक पढ़े | जानिये इस पौधे के फूल, पत्तियां तथा इनके औषधीय गुण एवं अन्य विशेषताएं, इत्यादि |

Aprajita flower

English Name: Asian pigeonwings, Bluebellvine, Cordofan pea, Darwin pea
Scientific Name:
Fabaceae
Hindi Name:
अपराजिता, शंखपुष्पी
Family: Fabaceae – Pea family

Aparajita Plant Introduction / परिचय

अपराजिता या शंखपुष्पी एक बारहमासी शाकाहारी पौधा है, जो मुख्य रूप से अपने सुन्दर फूलों के लिए चर्चित है | यह तेज गति से बढ़ने वाला एक पौधा है, जो लगभग 1 से 2.5 मीटर के आस – पास तक बढ़ सकते हैं | यह पौधा मुख्य रूप से जमीन में ही एक प्रकार के लता एवं बेल के रूप में विकसित होता है, जिस कारण इसे सजावटी पौधे के रूप में भी लगाया जाता है | इस पौधे को उगाने के लिए बहुत ही कम मेहनत एवं देखभाल की आवश्यकता होती है | इसके जड़ मिट्टी के बैक्टीरिया के साथ सहजीवी संघ बनाती हैं, जिसे राइजोबिया के नाम से जाना जाता है | यह रेतीली मिट्टी से लेकर भारी मिट्टी सहित सभी प्रकार के मिटटी में उगने के अनुकूल है |

पत्तियां / Leaves

इस शंखपुष्पी पौधे की पत्तियां मुख्यतः 2 से 3 जोड़े में निकले हुए होते हैं | ये पत्ते आम तौर पर अंडाकार आकर में लगभग 1 से 1.5 cm लम्बे तथा लगभग 0.5 मीटर के आस – पास चौड़े होते हैं | ये दिखने में हल्के चमकीले हरे रंग के होते हैं तथा हल्के नोकदार जैसे गोल आधार वाले होते हैं | इन पत्तियों के आगे का हिस्सा हल्का चौड़ा एवं पीछे का हिस्सा थोडा सिकुड़ा हुआ होता है | इस पत्ती का उपयोग एक प्रकार से औषधि के रूप में भी किया जा सकता है |

फूल एवं फल /Flower and Fruit

White aprajita flower

इस अपराजिता या शंखपुष्पी पौधे के फूल आम तौर पर नीले (Blue) रंग एवं अन्दर से हल्का पीले (Yellow) रंग में खिले हुए होते हैं | इस फूल की लम्बाई लगभग 4cm तथा चौडाई 2 से 3 cm के आस – पास होती है | आपको बतादे की, ये खुबसूरत से फूल जून महीने से लेकर नवम्बर महीने के अंत तक खिलते हैं एवं इसके फूलों का पालन लंबे समय तक किया जाता है आपकी | आपको बता दूं की इसके फूल नीले के साथ साथ सफ़ेद रंग के भी होते हैं, जो बहुत ही कम नजर आते हैं | इसके फल 5 से 7 cm के आस – पास लम्बे चपटे आकार में होते हैं तथा इस शंखपुष्पी के फल के अन्दर पायी जाने वाले बीज से पुनः दोबारा नए पौधे का निर्माण किया जा सकता है |

उपयोग एवं फायदे / Uses and Benefits of Aparajita

इस अपराजिता या शंखपुष्पी पौधे का उपयोग एवं इनसे होने वाली लाभ निम्नलिखित प्रकार से बताए गए हैं |

  • इस अपराजिता से बनायी जाने वाली जड़ी बूटी को गले से सम्बंधित परेशानियों में सुधार लाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है |
  • इस शंखपुष्पी पौधे के जड़ से एक प्रकार के लेप का निर्माण किया जाता है तथा उसे त्वचा पर लगाया जाता है, जो त्वचा की चमक बढ़ाती है |
  • इसे इस्तेमाल करने से हमारी आँखों की रौशनी में सुधार होती है |
  • ये दिमाग के विकास की परेशानी तथा इम्पैरेड कॉग्निटिव फंक्शन की समस्या से पीड़ित बच्चों के लिए उपयोगदायक हो सकता है |
  • इसमें होने वाली लाभकारी औषधीय गुण हमें बुखार, दस्त, मतली, उल्टी तथा अन्य रोगों से छुटकारा दिलाने में काफी मदद करते हैं |
  • यह कमजोर याददाश्त वाले लोगों के लिए बहुत ही लाभकारी साबित हो सकता है |
  • अपच तथा आंतों होने वाली परेशानियों से राहत दिलाने में यह बहुत ही मदद करता है |

अपराजिता की देखभाल कैसे करे / How to Take Care

अगर आप इन पौधों को अपने यहाँ लगाना चाहते हैं तथा इनका लाभक उठाना चाहते हैं, तो यह आपके लिए बहुत मुश्किल कार्य नहीं होगा क्यूंकि आम तौर पर इसकी देख भाल करने में ज्यादा मेहनत नहीं लगती है | तो चलिए जानते हैं की, इन पौधों की देखभाल किस प्रकार से की जानी चाहिए |

  • इस पौधे को इसके बीज द्वारा उगाया जाता है तथा इसके पौधे को लगाने योग्य अच्छे से तैयार किया जाता है, जिसे आप अपने किसी करीबी नर्सरी से भी प्राप्त कर सकते हैं |
  • इसके पौधे को लगाने के बाद जब तक यह अच्छी तरह से लग नहीं जाता है, तब तक इसमें रोजाना पानी डालते रहे |
  • इस पौधे को आप किसी ऐसे स्थान में लगाएं जहाँ पर सुबह की पहली धुप बड़े ही आसानी से पहुँच सके ताकि आपका पौधा समय के साथ विकसित हो |
  • इन पौधों में कभी भी पानी की कमी न होने दे अन्यथा इसकी जड़ें सूख सकती है, जिससे आपके पौधे मर भी सकते हैं |
  • अगर आप चाहे तो अपने पौधों को खुबसुरत बनाने के लिए समय – समय पर इसकी कटाई एवं छटाई कर सकते हैं |

रोचक तथ्य / Interesting facts

  • यह अपराजिता पौधा शंखपुष्पी के नाम से भी जाना जाता है, जो काफी तेज गति से बढती है |
  • इसमें अनेक प्रकार के औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो हमें बहुत से रोगों से छुटकारा दिलाने में मदद कर सकते हैं |
  • इसके पुष्प थोड़े स्त्री के योनी की तरह होते हैं, इसलिए इसे योनिपुष्पी के नाम से भी जाना जाता है |
  • इस अपराजिता के फूल को काली पूजा तथा नवदुर्गा पूजा में उपयोग किया जाता है |
  • यह अपराजिता पौधा अपने खुबसूरत फूलों के लिये एक सजावटी पौधे के रूप में भी लगाया जाता है |
  • इसके पौधे में गर्मी के मौसम में ही फूल नहीं होते हैं अन्यथा इसमें हमेशा फूल खिले हुए होते हैं तथा इससे ये पौधे हमेशा खुबसूरत लगते हैं |

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