Algae Plant Information In Hindi

By | June 28, 2020

Algae एक पौधा है, जिसे Hindi में शैवाल के नाम से जाना जाता है | इस पौधे को पादप जगत का सबसे साधारण जीव के रूप में माना जाता है, जो अधिकतर पानी वाले स्थान में ही पाए जाते हैं | परन्तु क्या आप जानते हैं, यह Algae (शैवाल पौधा) कैसा होता है, इसकी जीवनकाल कितनी होती है तथा इसके कितने किस्मे पाए जाते हैं, इत्यादि | जानिए इस शैवाल पौधे से सम्बंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारियां |

Algae plant information in Hindi

हिंदी नाम: शैवाल
English Name:
Algae
Scientific Name:

अन्य नाम / Other Name

इस शैवाल पौधे को अन्य कई नामों से जाना जाता है, जो इस प्रकार हैं:

  • Seaweeds
  • Geen alga

यह पौधा मुख्य रूप से पानियों वाले क्षेत्रों जैसे नदियाँ, तालाब, समुद्र, ताजे जल, समुद्री जल, गर्म जल वाले झरने एवं कीचड़ इत्यादि में पाया जाता है तथा अपना भोजन प्रकाश संशलेषण क्रिया द्वारा खुद बनाते हैं | इस पौधे को एक प्रकार से स्वपोषी कहा जा सकता है तथा इनका शरीर शुकाय के समान यानि हल्का फूला हुआ होता है | ये पौधे आम तौर पर भूरे, सुनहरे भूरे एवं लाल रंगों में पाए जाते हैं, ये दुसरे पौधों के जैसे शैवाल बिल्डिंग ब्लॉक्स जैसी कोशिकाओं से बनते हैं, जिन्हें क्वाल मैक्रोस्कोप के बिना नहीं देखा जा सकता है | ये शैवाल ज्यातर अकेले रहते हैं |

शैवाल पौधे का जीवनकाल / Lifespan of Algae

आम तौर पर ज्यादातर शैवाल प्रजनन के लिए अलग होते हैं तथा कम से कम 2 शैवाल बनने के लिए आधे-आधे में विभाजित हो जाते हैं | इसके दुसरे प्रजातियों में नर तथा मादा के प्रजनन अंग होते हैं, जो किसी भी ताजे पूल में बीजाणु पैदा कर सकते हैं तथा वे कई वर्षों तक कठोर एवं शुष्क हालत में भी जीवित रह सकते हैं | आम तौर पर इन सभी शैवालो का जीवनकाल एक-दिनों से लेकर एक-दो वर्षों तक होता है, जो इनके प्रजातियों के अनुसार अलग-अलग होते हैं |

कहाँ पाए जाते हैं /  Where it is found?

यह शैवाल मुख्य तौर पर समुद्र के पानियो, झरनों में, किचड़ो तथा तालाबों एवं नदियों, इत्यादि के अन्दर पाए जाते हैं | ये पानियों वाले स्थानों के बाद पेड़ों के तनो तथा चट्टानों में भी काफी मात्रा में पाए जाते हैं | इसके अलावे ये कछुए के पीठ में उगने वाले ऊडोगोनियम (Oedogonium) तथा  प्रोटोडर्मा (Protoderma), इत्यादि जैसे कुछ शैवाल पौधे की तरह दुसरे बड़े पौधों के उपर उगे हुए होते हैं | कुछ शैवाल कभी-कभी चाय, कॉफ़ी के पौधे के ऊपर या अन्य किसी पेड़ की छाल में भी उगे हुए होते हैं |

प्रजनन / Reproduction

इन शैवालो की प्रजनन क्रिया मुख्यतः तीन प्रकार से होती है, जो निम्नलिखित प्रकार से दी गयी है |

  • कायिक प्रजनन (Vegetative reproduction)
  • अलैंगिक प्रजनन (Asexual reproduction)
  • लैंगिक प्रजनन (Sexual reproduction)

और भी अन्य पौधे हैं जैसे Biennial Plant, और Succulent Plant से जुडी जानकारी |

रोचक तथ्य / Interesting Facts of Algae Plant

  • इन शैवालो में खाद्य पदार्थों का संचय मांड के जैसा होता है |
  • ये ज्यादातर जलीय होते हैं, जो पानियों वाले क्षेत्रों में होते हैं |
  • एसिटाबलेरिया इस शैवाल के प्रजाति में सबसे छोटा एककोशिकीय जीव है |
  • शैवाल के कुछ प्रजातियाँ जलीय होने के साथ-साथ नमीयुक्त क्षेत्रों वाले भी होते हैं |
  • बर्फ में निकलने वाले शैवाल को क्रायोफाइटिक (cryophytic) नाम से जाना जाता है |
  • शैवाल के सबसे बड़े प्रजाति मैक्रोसिस्टिस को दैत्याकार समुद्री घास के रूप में भी जाना जाता है |
  • क्लोरेला शैवाल को अंतरिक्ष शैवाल भी कहा जाता है, क्यूंकि इसे अन्तरिक्ष यात्रा के समय यान के केबिन के हॉज में उगाया जाता है तथा इससे जल, ऑक्सिजन तथा प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थ भी प्राप्त की जाती है |
  • पानी में होने वाले शैवाल के कुछ प्रजातियाँ जैसे माइक्रोसिस्टिस (Microcystis), ओसीलेटोरिया (Oscillatoria) लिंगबिया, आदि के होने से पानी में water blooms दिखाई देती है |

विभाजन:

आम तौर पर इन शैवालों को इनके लक्षणों एवं अन्य गुणों के देखते हुए इन्हें 11 मुख्य भागो में बाटा गया है, जो निम्नलिखित प्रकार से दिए गए हैं |

  • Mixofacies
  • Euglenofacies
  • Chlorofacies
  • Xanthophyceae
  • Chrysophyceae
  • Bacillariophyceae
  • Cryptofacies
  • Carofacies
  • Dinofacies
  • Phyophyceae
  • Rhodofacies

शैवाल के फायदे / Benefits of Algae

आम तौर पर इन शैवालों से होने वाले फायदे निम्नलिखित प्रकार से दिए गए हैं |

भोजन के रूप में (Algae as food):

  • अल्वा (UIva नामक एक शैवाल जो भूरे रंग का होता है, उसे जापान के लोग सलाद के रूप में खाते हैं तथा इस वजह से इसे समुद्री सलाद के नाम से भी जाना जाता है |
  • चीन के लोग नोस्टोक (Nostoc) शैवाल का उपयोग खाद्य पदार्थ के रूप में करते हैं |
  • भारतीय उपमहाद्वीप में (Umblicus) शैवाल को भोजन के लिए उपयोग किया जाता है |

व्यवसाय में (In industry):

  • सारगासम शैवाल का उपयोग जापान देश में कृत्रिम (synthetic) उन बनाने के लिए उपयोग किय जाता है |
  • समुद्र में पायी जाने वाली एक लेमीनेरिया (Laminaria) शैवाल से आयोडीन प्राप्त की जाती है |

कृषि के क्षेत्र में (In Agriculture):

  • बंजर जमीन को उपजाऊ बनाने के लिए Blue green शैवालों का उपयोग किया जा सकता है |
  • खेती करने के लिए अनेक शैवालों का उपयोग खाद बनाने के लिए किया जा सकता है |

दवा के रूप में (As Medicine):

  • इसमें कई ऐसे गुण पाए जाते हैं, जिससे कई दवाओं का निर्माण किया जा सकता है |
  • इन शैवालों में अनेक प्रकार के औषधीय गुण शामिल हैं, जिसका उपयोग एक उपचार के रूप में किया जा सकता है |

शैवाल से होने वाली नुकसान / Disadvantages of Algae

शैवालों से होने वाली हानियाँ निम्नलिखित प्रकार से दी गयी है |

  • आम तौर पर कुछ शैवाल जलाशयों को प्रदूषित करते हैं, जिसके वजह फिर वह पानी पीने या अन्य कोई घरेलु उपयोग के लायक नहीं रहता है |
  • ये शैवाल पानियों में एक प्रकार के विष त्यागते हैं, जिसके वजह से उस पानी की मछलियों की मृत्यु हो जाती है |
  • बरसात के मौसम में जहाँ पर पानी जमती है, वहां की भूमि हरे रंग की हो जाती है तथा वहां फिसलन भी हो जाती है, जिसके कारण कोई भी गिर सकता है |
  • चाय या कॉफ़ी के पौधे में पाए जाने वाले Cephaleuros शैवाल कभी-कभी पौधों में लाल किट्ट पादप रोग होने वाले विष का त्याग करते हैं, जिसके कारण यह काफी हानिकारक हो सकता है |
  • ये किसी ऐसे जलाशय जहाँ की भूमि पक्की हो वहां पर पानी जमने के करना वहां भी लग जाता है, जिससे भी घटना घट सकता है |

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